कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दीपका खदान के बाहर पिछले 12 दिन से उर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले जमीन अधिग्रहण से प्रभावित ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। कोयला मंत्री के आगमन की खबर से कोयला अधिकारी संपर्क कर समिति ने मुलाकात के लिए समय मांगा, पर व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए मना कर दिया गया। इससे नाराज खदान के बाहर बैठे भू-विस्थापित कोयला मंत्री के निरीक्षण के ठीक एक घंटा पहले खदान के नीचे उतर गए और सावेल मशीन के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए काम बंद करा दिया।

साउथ इस्टर्न कोल फिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की दीपका व गेवरा खदान के भू- विस्थापित पिछले 10 दिनों से खदान के बाहर ओव्हरबर्डन फेस में धरना दे रहे हैं। बुधवार को केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी के प्रवास की सूचना मिलने पर आंदोलन की अगुवाई कर रहे उर्जाधानी भू- विस्थापित कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने एसईसीएल प्रबंधन व जिला प्रशासन से चर्चा कर मुलाकात के लिए समय मांगा। बताया जा रहा है कि मंत्री जोशी का कार्यक्रम काफी व्यस्त होने की वजह से एसईसीएल प्रबंधन व प्रशासन ने समय देने पर असमर्थता जताई। इससे भू-विस्थापितों में नाराजगी बढ़ गई और सुबह 11 बजे महिला व बच्चों को लेकर सभी दीपका खदान के नीचे उतर कर सावेल के सामने धरना पर बैठ गए। इसकी जानकारी मिलते ही प्रबंधन व प्रशासन में हड़कंप मच गया। भू- विस्थापितों को खदान से बाहर निकलने का प्रयास किया गया, पर सफलता नहीं मिली। बाद में मंत्री जोशी को दूसरे रास्ते से लाकर ब्यू पाइंट से खदान से अवलोकन कराने के साथ ही सभी जानकारी प्रदान की और वापस उसी रास्ते से रवाना कर दिया। मंत्री जोशी के वापस लौटने की जानकारी मिलने के बाद दोपहर तीन बजे भू-विस्थापित खदान से बाहर निकले और धरना स्थल पर जाकर बैठ गए। भू-विस्थापितों ने प्रबंधन के नाराजगी जताते हुए कहा है कि अब आंदोलन मांग पूरी होने तक लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर खदान को बंद भी कराया जा सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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