कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मतांतरण के विरोध में हिंदूवादी संगठनों के अलावा विभिन्ना सामाजिक संगठन भी एक साथ एक मंच में आ गए हैं। एकजुट होकर संघर्ष करने हिंदू समाज का गठन किया गया है। करीब एक दर्जन से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लेमरू के खम्हून गांव में सक्रिय इसाई मिशनरी द्वारा कराए जा रहे मतांतरण की शिकायत कलेक्टर व एसपी करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, सेवा भारती, केवट समाज, साहू समाज, नेपाली समाज, जैन समाज, हिंदू जागरण मंच, सेवा भारती, स्वयं सेवी संस्था, आर्ट आफ लिविंग समेत कई अन्य संगठन के प्रतिनिधि गुरूवार को कलेक्टोरेट पहुंचे। प्रकाश जैन का कहना कि इसाई मिशनरी से जुड़े लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले भोले भाले आदिवासियों व अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को मिशनरी में शामिल होने बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा का झांसा देकर बर्गला रहे हैं। जैन ने बताया कि अस्वस्थ्य व्यक्ति को चंगाई सभा में दवा घुलित पानी पिलाकर स्वस्थ्य करते हैं और करिश्माई पानी होने का दावा किया जाता है। अशोक तिवारी ने बताया जिला मुख्यालय से दूर वनांचल ग्राम खाम्हून में सक्रिय मिशनरी के लोग यहां रहने वाले विभिन्ना जाति वर्ग के लोगों को इसाई धर्म अपनाने के प्रलोभन देने के साथ भयादोहन कर रहे। यह विधि के विरूद्ध है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रोक लगानी चाहिए। हिंदू धर्म की निंदा करते हुए अपने धर्म को बढ़ावा देने में लगे हैं। भारत के संविधान में सभी अपने धर्म के प्रचार प्रसार का अधिकार है। इसका मतलब यह नहीं कि किसी अन्य धर्म के लोगों को दबाव पूर्वक अपने धर्म में शामिल कर लें। बेहद गंभीर बात तो यह है कि लेमरू क्षेत्र में संरक्षित कोरवा आदवासियों को भी मतांतरित किया जा रहा है। हमें हिंदू समाज को बचाना है और इसके लिए हिंदू समाज सामने आ गया है। यह संगठन अब अपनी भूमिका निभाएगा। समाज के लोगों ने कलेक्टर के नाम 11 सूत्रीय मांग की ज्ञापन की प्रति अपर कलेक्टर कुंदन कुमार को सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है। समाज के लोगों का कहना है कि मतांतरण के लिए लिए आयोजित की जाने वाली सभा को गैरकानूनी घोषित किया जाए।

आदिवासियों की संस्कृति से खिलवाड़- सिन्हा

हिंदू व अन्य सामाजिक संगठनों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सिन्हा ने कहा कि ग्रामीण आदिवासियों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी आदि का प्रलोभन देकर उन्हे मतांतरण कराया जाता है और बाद में आदिवासियों को उनके हाल पर ही छोड़ जाता है। मतांतरण के नाम पर संस्कृति में हस्तक्षेप किया जा रहा है। मिशनरी से जुड़े लोगों ज्यादातर बीहड़ वनांचल गांवों में जाकर लोगों को उनकी मूल संस्कृति छुड़ाकर मिशनरी से जुड़ने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इससे आदिवासी समाज में अलगाव की स्थिति निर्मित हो रही है।

लंहगा बहरा, खोड़री, कुर्था, बूढ़ापारा में मतांतरण की शिकायत

फोटो-22 - एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपने पहुंचे धर्म सेना के सदस्य

पोड़ी उपरोड़ा के आदिवासी बाहुल्य गांवों में कराए जा रहे मतांतरण के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग धर्म सेना संगठन के कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल से की है। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन पत्र में संगठन के सदस्यों ने इस बात का उल्लेख किया है कि आदिवासयों के अलावा सतनामी समाज के लोगों को भी झाड़- फूंक से इलाज का प्रमाण देने के साथ बहला- फुसला कर मतांतरण कराया जा रहा है। पोड़ी उपरोडा के एक नामजद व्यक्ति की शिकायत करते हुए कहा गया है कि ग्राम लंहगा बहरा, खोड़री, कुर्था, बूढ़ापारा में चंगाई सभा आयोजित कर मतांतरण कराया जा रहा है। संगठन ने राज्यपाल से मांग की है कि मतांतरण आयोजन के लिए कराए जा रहे कार्यक्रम में रोक लगाई जाए।

यह है हिंदू सर्व समाज के लोगों की मांगे

0 आवास के लिए ली गई घर अथवा जमीन जिनमें हिंदू उपस्थित हों वहां चंगाई सभा बंद की जाए।

0 हिंदू परिवार अथवा समूह में चंगाई सभा लेने के लिए प्रशासन से लिखित अनुमति मांगी जाए।

0 बिना अनुमति के किसी भी जगह में प्रार्थना सभा अथवा भवन प्रतिबंध किया जाए।

0 कलेक्टर के अनुमति बगैर निर्मित प्रार्थना भवन को समाप्त किया जाए।

0 दूसरे धर्म को निम्न बताकर अपने धर्म को सर्वश्रेष्ठ बताने वाले आयोजन पर रोक लगाई जाए।

0 दबाव अथवा बाध्यता के साथ प्रार्थना सभा में शामिल कराने वालों पर कार्रवाई की जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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