कोरबा(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर से लगे सर्वेश्वर एनीकट में पानी कम होने से रेत की तस्करी में संलिप्त गिरोहों की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। समानांतर पुल के कार्य में प्रगति लाने के लिए एनीकट में पानी नहीं भरा जा रहा। यही वजह है कि बंद गेरवा घाट अवैध उत्खन के लिए आसान जगह बन गई है। खनिज विभाग में छापामार दल और अमलों की कमी का लाभ रेत तस्कर उठा रहे है।

घाट बदल बदलकर किए का रहे रेत उत्खनन से नदी तट में जगह- जगह मिट्टी का कटाव हो रहा है। मानसून बीतने के ढाई माह बाद रेत घाट नहीं होने से रेत की चोरी लगातार बढ़ रही है। शहर के भिलाई खुर्द, ढेंगुरनाला, सुमेधा, धन गांव ऐसी जगह हैं जहां रात के समय रेत परिवहन होता है। गेरवाघाट नदी में हो रहे लगातार की शिकायतों और छापेमारी बढ़ती संभावना को देखते हुए रेत चोरी का पैतरा बदल दिया है। रेत माफिया अब राताखार छोड़ भिलाई खुर्द से दिन के उजाले में रेत निकाल रहे है। प्रतिदिन 30 से 40 ट्रिप रेत भिलाई खुर्द घाट से रेत निकाला जा रहा है। कुछ दिन पूर्व आधी रात को माइनिंग की टीम ने अघोषित घाट में छापामार कार्रवाई की तो वहां 10 गाड़ियों में रेत उत्खनन करते पाया गया। माइनिंग इंस्पेक्टर ने वाहनों को थाने लाकर चालान किया। घाट नहीं खुलने से कार्रवाई के बाद भी अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। अघोषित घाटों में रेत निकाले जाने से जगह जगह गड्ढे बनते जा रहे। शहर में रेत घाट की शुरुवात नहीं किए जाने से रेत चोरी को बढ़ावा मिल रहा। शहर में रेत नहीं मिलने से निगम और जिला प्रशासन के कई निर्माण कार्य बंद हैं। इधर निजी निर्माण करने वालों में रेत की मांग बढ़ गई है। डेढ़ से दो हजार प्रति ट्रैक्टर मिलने वाला रेत अब तीन से चार हजार कीमत में बिक रहा। रेत परिवहन के अधिक दाम मिलने से वाहन मालिकों को सक्रियता बढ़ गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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