कोरबा। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

कोविड-19 के कारण बंद बसों को संचालन कोरबा चांपा शुरू हो चुकी है, लेकिन सड़क की दुर्दशा यथावत है। 25 करोड़ की लागत से मरम्मत की जिम्मेदारी एनएच और पीडब्ल्यूडी को दी गई है। पीडब्ल्यूडी ने बारिश में जिस स्थल में सुधार कार्य किया था, वह फिर से जर्जर हो चुकी है। एनएच ने अब तक काम शुरू नहीं किया है। ऐसे में बस व निजी वाहनों के यात्री हिचकोले खाते सपुर करने पर मजबूर हैं।

मुख्य मार्गों में यात्री बसों के शुरू होने के बाद वाहन चालक और यात्रियों को राहत कम मुसीबतें अधिक हैं। माना जा रहा था कि कोविड-19 के दौरान वाहनों का आवागमन सड़कों में बंद होने से मरम्मत में प्रगति आएगी, लेकिन बारिश में जितने भी काम हुए पानी की धार के साथ बह गया। सड़कों में गड्ढे बरकरार हैं। बारिश थमने के बाद के बाद लोकनिर्माण विभाग ने कुछ जगहों में काम शुरू कर दिया है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं। मरम्मत की दृष्टि से कोरबा से चांपा मार्ग को तीन पार्ट में विभाजित किया गया है। इसमें चांपा से उच्चभिठ्ठी, रिलेक्स इन से बरबसपुर के सुधार की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है। शेष कार्य एनएच के हवाले है। कार्य पीडब्ल्यू का मरम्मत आधा- अधूरा है, वहीं एनएच का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। सड़कों की दुर्दशा के कारण घंटे भर का सपुर 3 घंटे में तय हो रही है। भारी वाहनों का आवागमन जारी है ऐसे में अब तक किए गए मरम्मत कार्य फिर से जर्जर हो चुका है। लोक निर्माण विभाग ने जिन ठेकेदारों को निर्माण कार्य दिया है, उनका कार्य कोरबा-पाली मार्ग में भी चल रहा है। दो जगह मे काम चलने और मरम्मत के लिए संसाधन कम होने से काम में प्रगति नहीं है। नेशनल हाइवे मार्ग कब पूरा होगा इस संबंध में अब तक कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। यात्री पिछले 3 वर्षों से आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं।

पहले कीचड़ अब धूल

जिन मार्गों में पहले कीचड़ होती थी अब वह धूल से सराबोर है। भारी वाहनों का आवागमन जारी है। ऐसे में उड़ती धूल के कारण पीछे चलने वाले दोपहिया और छोटे वाहन चालकों को मार्ग नहीं सूझता। इससे दुर्घटना की संभावना भी बढ़ गई है। रात के समय आवागमन करने वाले यात्रियों को खासी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा। मार्ग में लगे सूचक बोर्ड भी उखड़ चुके है, अब तक जितनी बार भी सड़क की मरम्मत की गई एक बार भी सूचक बोर्ड नहीं लगाया गया।

रेलिंग विहीन पुल से खतरा

सड़क के साथ ही रेलिंग विहीन हो चुके पुल भी खतरे को आमंत्रण दे रहे हैं। कोरबा से चांपा मार्ग के बीच 9 पुल पड़ते हैं। इनमें 7 के रेलिंग पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। सभी पुल के मार्ग तंग होने के कारण एक ही वाहन का पार होना संभव है। पुल मार्ग में अधिकांश दुर्घटनाएं रात के समय होती हैं। रेलिंग में रेडियम पालिश नहीं होने से दीगर राज्य अथवा जिले से आने वाले वाहन चालकों को इसका अनुमान नहीं होता और दुर्घटना होती है।

कटघोरा, पाली में भी समस्या

आवागमन की समस्या केवल चांपा ही नहीं बल्कि कटघोरा मार्ग में भी है। सड़क में बरसाती जल भराव की समस्या को दूर करने के लिए पहले नाली का निर्माण किया जा रहा। डेढ़ माह पहले पाली बस स्टेंड में गुणवत्ता विहीन निर्मित नाली को तोड़ना पड़ा था। ऐसे में कार्य में देरी हो रही है। माना जा रहा है कि जब तक नाली का निर्माण पूरा नहीं होग तब तक एनएच के सड़क में सुधार शुरू नहीं होगा। पाली बस स्टेंड में गुणवत्ता विहीन नाली को तोड़ दिया गया।

बारिश के कारण कार्य बाधित रही। नम मिट्टी में डामरीकरण संभव नहीं था। विभागीय स्तर पर चिन्हित जगहों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। मार्ग का कुछ हिस्सा एनएच विभाग के माध्यम से सुधार होगा। माह भर के भीतर कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

एके वर्मा, ईई, पीडब्ल्यूडी

Posted By: Nai Dunia News Network

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