कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के निकट ग्राम बेंदरकोना में एक ही दिन में सात मवेशियों की मौत से गांव में हड़कंप मच गया। पशुधन विकास अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर घटना क्रम की जानकारी है। कीटनाशक छिड़काव किए फसल को खाने से मौत की आशंका जताई जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविकता का पता चल पाएगा।

हर दिन की तरह चरने गए मवेशियों के नहीं लौटने ग्रामीण ढूंढने निकले। देर शाम गांव के तालाब किनारे कुछ मवेशियों को मृत व कुछ छटपटाते दिखाई दिए। इस दौरान मवेशियों को पानी पिलाई गई, लेकिन उन्हे नहीं बचाया जा सका। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पशुधन विकास को दी। विभाग के अधिकारी ने मवेशियों को देख मुंह से निकले झाग के आधार कीटनाशक दवा छिड़काव वाले फसल को खाया होगा। ग्रामीणों का का यह भी कहना है जिस स्थान पर मवेशियों की मौत हुई है, वहां दवा का छिड़काव नहीं किया है। पशुधन विकास विभाग के उप संचालक एसपी सिंह ने बताया कि पशुओं के मौत के बाद उनका पोस्टमार्टम किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत होने के बारे में जानकारी मिलेगा। उन्होने बताया कि फसलों होने वाली कीट-व्याथि को देखते हुए इन दिनों फसलों में रासायनिक कीट नाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा। ऐसे में किसान अपने मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चत करें।

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लंपी बीमारी के लक्षण नहीं

विभागीय अधिकारी का कहना है कि जिले के पशुओं में लंपी बीमारी का लक्षण नहीं हैं। उन्होने बताया बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में बार्डर से लगे गांवों में 35 हजार मवेशियों को टीका लगाने का लक्ष्‌य रखा गया हैं। अब तक 75 प्रतिशत मवेशी को टीका लगा चुका है। सितंबर माह के अंत तक टीकाकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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