कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) करतला शाखा में चोरों ने धावा बोल कर चोरी करने की नाकाम कोशिश की। चोर गिरोह ने पूरी तैयारी से योजना बना कर बैंक को निशाना बनाया। अपने साथ गैस कटर लेकर गए थे। बैंक के पीछे हिस्से से घुसे चोरों ने पहले तीन दरवाजे काटे, फिर स्ट्रांग रूम के अंदर पहुंचने के बाद चेस्ट को भी गैस कटर से काटने का प्रयास किया। पूरी तरह चेस्ट काट नहीं पाए और फरार हो गए।

करतला बाजार के पास एसबीआइ शाखा संचालित है। यहां चौकीदार विहीन इस बैंक के पिछले हिस्से से चोर घुसे। दरअसल पिछले हिस्से में शीट से निर्मित बाथरूम है। इसमें सड़क की ओर एक्जास्ट फैन लगा था। चोरों ने इसे निकालने के बाद दीवाल तोड़ कर उसे थोड़ा चौड़ा कर लिया। इसके साथ ही चोर अंदर प्रवेश कर गए। इसके बाद इत्मीनान से बैठ कर बैंक के अंदर घुसने लोहे के ग्रिल का ताला तोड़ा। बैंक के अंदर प्रवेश करने के बाद लोहे के गेट को अपने साथ लाए गैस कटर से काटा। स्ट्रांग रूम तक पहुंचने के लिए वहां लगे गेट को भी चोरों ने तोड़ा। इस तरह गिरोह स्ट्रांग रूम के अंदर प्रवेश कर गया और नोट रखने के चेस्ट को गैस कटर से काटने लगे। माना जा रहा है कि काफी मजबूत चेस्ट होने की वजह से उसे पूरी तरह काट पाते, उससे पहले भोर हो गई और आरोपितों को भागना पड़ा। इस घटना की जानकारी शनिवार की सुबह 8.30 बजे उस वक्त हुए जब बृजेश कुमार बैंक पहुंचा। बैंक खोले जाने पर सामने आई। चूंकि चोर पीछे से घुसे थे, इसलिए बैंक के सामने का ताला सुरक्षित ढंग से लगा दिख रहा था। अंदर का दृश्य देख कर सफाई कर्मी के होश उड़ गए। इस घटना की सूचना बैंक मैनेजर प्रमोद कुमार को दी और वे भाग कर मौके पर पहुंचे। इस घटना से पुलिस को अवगत कराया गया और करतला थाना राजेश चंद्रवंशी पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। चोर बैंक से कुछ भी चोरी नहीं कर सके। चेस्ट में रूपये सुरक्षित मिले हैं। पुलिस ने इस मामले में 457, 380 का मामला पंजीबद्ध किया है।

ले भागे सीसीटीवी व बेकअप

आरोपितों की संख्या तीन से चार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस तरह की बैंक में चोरी की घटना को यह गिरोह पहले भी अंजाम दे चुका होगा। भागते वक्त बैंक में ले सीसीटीवी कैमरे व बेकअप ले भागे, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। आरोपितों ने जिस सफाई से इस घटना को अंजाम दिया। उससे खास सबूत मौके से पुलिस को नहीं मिल सका। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरा खंगाले तो कुछ संदिग्ध लोग नजर आए हैं। उस वक्त रात के ढाई बजे थे। इस आधार पर माना जा रहा है कि चोर इसी वक्त बैंक में घुसे और तड़के पांच बजे लोगों के जागने के पहले फरार हो गए।

फोर व्हीलर में अपराधियों के पहुंचने की आशंका

चोर गिरोह फोर व्हीलर या आटो रिक्शा जैसे तिपहिया वाहन में पहुंचे होंगे। ऐसी आशंका जाहिर की जा रही। इसकी वजह यह है कि गैस कटर के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिलेंडर भी अपने साथ लेकर आए थे। रात को गैस कटर बाइक में ले जाते हुए रास्ते में गश्त कर रही पुलिस की नजर पड़ने पर पकड़े जाने का खतरा रहता है। आरोपितों की संख्या में भी अधिक थी। इसलिए इस बात को बल मिल रहा कि चार पहिया वाहन का उपयोग किया गया होगा। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह स्थानीय नहीं बल्कि बाहरी है।

चेस्ट अलार्म सिस्टम था खराब, नहीं बजा

जिस ढंग से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे यह बात तय है कि एक आरोपित इतना सबकुछ नहीं कर सकता। ग्रामीण क्षेत्र में संचालित बैंकों की सुरक्षा का अधिक ध्यान रखना होता है, पर निराशाजनक बात यह है कि घटना को अंजाम दिए जाने के बाद चेस्ट अलार्म नहीं बजा। चेस्ट के आरोपितों के पहुंचते ही आटोमेटिक अलार्म बजना चाहिए था। पुलिस के अधिकारियों ने इस संबंध में जानकारी लिया, तो बैंक मैनेजर का कहना था कि पिछले 10 दिनों से यह सिस्टम खराब हो गया था।

घटना स्थल से गंध लेकर निकला डाग भटका

पुलिस डाग की टीम भी बुलाई गई थी। घटना स्थल से गंध लेने के बाद डाग कुछ दूर ही जाकर भटक गया। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि आरोपित फोर व्हीलर में आए थे और वहां से लांग रूट में फरार हो गए। यहां बताना होगा कि करतला ब्लाक मुख्यालय होने की वजह से सरकारी कामकाज के सभी खाते एसबीआइ से संचालित होते हैं। हमेशा लाखों रूपये बैंक में रहता है। चोरी की घटना यदि सफल हो जाती तो बैंक को बड़ा नुकसान होता।

कुसमुंडा एसबीआइ की हो गई याद ताजा

चेस्ट को गैस कटर से काटने का प्रयास करने से अंदर में रखे रूपयों के जल जाने का खतरा बना रहता है। करीब 25 साल पहले कुसमुंडा स्थित एसबीआइ बैंक में ठीक इसी तरह चोर घुसे थे और चेस्ट काट कर 50 लाख से अधिक ले भागे थे। पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस को बताया था कि तीन आरोपित चेस्ट काटते वक्त चेस्ट गर्म न हो, इसके लिए गीले कपड़े से लगातार उसे ठंडा कर रहे थे। संभावना जताई जा रही है कि कुछ इस तरह का तरीका अपराधियों ने अपनाया होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close