कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्राम सोनपुुरी के भू-विस्थापितों के खेत में लगी धान की फसल को इस बार समर्थन मूल्य में सोसायटी नहीं खरीदेगी। इन किसानों की भूमि काफी अरसे पहले साउथ इस्टर्न कोल्डफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने कुसमुंडा प्रोजेक्ट के लिए भूमि अर्जित कर ली थी। किसानों ने मुआवजा व नौकरी के विवाद को लेकर कब्जा नहीं दिया है। इस वजह से प्रबंधन ने प्रशासन से पत्राचार कर खदान के लिए अर्जित भूमि की धान नहीं खरीदने की गुजारिश की है। इस पर प्रशासन ने अमल में ले आया है और धान कनबेरी सोसायटी ने लेने से इंकार कर दिया।

ग्राम पंचायत पाली के सोनपुरी गांव में निवासरत किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक लेम्स (सोसायटी) दुरपा-कनबेरी में पंजीयन करा धान विक्रय कर रहे थे और खाद, बीज का ऋण भी ले रहे थे। इस वर्ष 2020-21 में लेम्स प्रबंधक व राजस्व कर्मचारी ने बताया कि किसानों की जमीन एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में अर्जित कर लिए जाने की वजह से होल्ड कर दी गई है। इससे किसानों का धान इस वर्ष नहीं खरीदा जाएगा। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिख कर कहा है कि एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र से किसानों को भूमि का मुआवजा राशि अभी तक नहीं दी गई है, तो किस कारण किसानों के धान की खरीदी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब धान नहीं खरीदा जाएगा, तो खाद, बीज के ऋण की राशि का भुगतान कर पाना संभव नही है। इससे किसानों को आर्थिक व मानसिक क्षति होगी। पत्र में मंद्राज सिंह, होरी सिंह, ध्रुव कुमार, राम सिंह, राय सिंह, अंजोर साय, राम साय, भरत लाल, श्याम समेत काफी संख्या में ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर कलेक्टर से मांग की, कि किसानों की लेम्स में पंजीयन व धान विक्रय करने की अनुमति देने का आदेश दिया जाए, ताकि किसान अपना धान बेच सकें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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