कोरबा। लीलागर नदी का भरा पानी दीपका खदान से निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है, पर दो दिन हुई बारिश की वजह से खदान के जल स्तर दो इंच बढ़ गया है। इससे प्रबंधन की परेशानी बढ़ गई। आठ पंप लगा कर पानी निकाला जा रहा है। खदान में अभी भी छह मशीन डूबी हुई है। एसईसीएल की दीपका ओपनकास्ट खदान में 29 सितंबर को लीलागर नदी का पानी भर जाने से उत्पादन ठप हो गया था। इसके साथ ही खदान में 42 क्यूबिक क्षमता की सावेल, दस क्यूबिक क्षमता की दो सावेल, एक डोजर तथा एक ड्रील मशीन समेत अन्य सामान डूब गए थे।

बारिश बंद होने के बाद प्रबंधन द्वारा पंप लगा कर लगभग 15000 गैलन पानी प्रति मिनट निकाला जा रहा है, पर प्रबंधन को दो दिन हुई झमाझम तेज बारिश ने परेशानी में डाल दिया। खदान से जितना पानी निकाला गया था, उसमें दो इंच जल स्तर बढ़ गया। बारिश बंद नहीं होने से प्रबंधन चिंतिंत है।

वर्तमान में आठ पंप लगा कर पानी निकालने का काम चल रहा है। कई बार पंप में खराबी आने की वजह से बंद हो जाते हैं और उन्हें सुधार कार्य कर पुनः चालू किया जा रहा है। इससे पानी निकासी क्षमता भी प्रभावित हो रही है। स्थिति सामान्य होने में दो माह का वक्त लगने की संभावना जताई जा रही है।

सेफ्टी कमेटी ने लिया जायजा

एसईसीएल सेफ्टी बोर्ड कमेटी के सदस्य वीएम मनोहर, डी धरमाराव, एसके दुबे तथा गौरी प्रसाद ने बुधवार को महाप्रबंधक बीके चंदोरा के साथ खदान क्षेत्र का जायजा लिया। इस दौरान खदान में पानी भराव, निकासी, डूबी मशीन को भी देखा। सदस्य मनोहर ने बताया कि खदान में अभी भी पानी भरा हुआ है और बारिश की वजह से पानी निकासी में दिक्कत आ रही है।

प्रबंधन से अतिरिक्त पंप लगा कर पानी निकालने कहा गया है। ताकि उत्पादन सामान्य रूप से शुरू किया जा सके। कालोनी में भी पानी से प्रभावित हुए परिवार के नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने कहा गया है। उच्च प्रबंधन से चर्चा कर नुकसान की भरपाई करने का प्रयास किया जाएगा। कालोनी में पानी पुनः न भरे, इसलिए समुचित व्यवस्था करने प्रबंधन अभी से कार्ययोजना तैयार करने जुट गया है।

22 हजार टन उत्पादन

खदान के दूसरे फेस से कोयला उत्पादन शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि प्रबंधन लगभग 22 हजार टन कोयला दो दिन से निकाल रहा है और एनटीपीसी सीपत संयंत्र में आपूर्ति की जा रही है। हालांकि अभी दो रैक कोयला ही जा रहा है। लदान कार्य में दिक्कत आने की वजह से ज्यादा रैक लोडिंग में दिक्कत आ रही है। बावजूद प्रबंधन का प्रयास है कि जल्द ही रैक बढ़ाया जाए, ताकि मांग के अनुरूप कोयला एनटीपीसी संयंत्र आपूर्ति किया जा सके।

सफाई कर चालू किया जाएगा एक कन्वेयर बेल्ट

खदान के अंदर से कोयला निकालने हेतु बिछे तीन कन्वेयर बेल्ट में भी मिट्टी, बोल्डर व गिट्टी भर गई है। इसे निकालने की कवायद प्रबंधन द्वारा लगातार किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि गुरूवार शाम तक एक कन्वेयर बेल्ट शुरू कर लिया जाएगा। इससे मालगा़ड़ी लदान की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। प्रबंधन द्वारा लगातार सफाई कार्य में जोर दिया जा रहा है।