कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लाकडाउन के बहाने ही सही, लगभग सारी मानव आबादी अपने घरों में कैद हो गई। संभवतः यही वह वक्त है, जो प्रकृति और उसके अनोखे जीव भी खुद को आजाद महसूस कर रहे। तभी तो कई ऐसे भी जंतु हैं, जो कभी भूले से भी दिखाई नहीं देते थे, वह आसानी से नजर आ जाते हैं। इनमें सफेद पट्टियों वाला वाइट बैंडेड वुल्फ स्नेक या भेड़िया सर्प भी शामिल है, जो अपने शिकार की तलाश में केवल रात में ही बाहर निकलता है। पर रविवार को वह दिन में ही घूमता मिला और एक गड्ढे में गिर गया। सर्प मित्रों ने रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया।

महामारी के संक्रमण से बचने आप और हम अपने-अपने घर की चार-दीवारी में कैद हो गए तो शायद प्रकृति में रमें रहने वाले जीव-जंतु अपने आपको स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं। शहर के कुछ किलोमीटर दूर जाएं तो आस-पास जंगल नजदीक होने के कारण वन्य प्राणियों की दस्तक मिलती ही रहती है। हालांकि पिछले कुछ वक्त से हाथियों की आमद नहीं हुई पर किंग कोबरा से लेकर तरह-तरह के सर्प समय-समय पर जरूर दिखाई दे जा रहे। स्नेक रेस्क्यू टीम के प्रमुख और वन विभाग सदस्य जितेंद्र सारथी के अनुसार यह समय प्रकृति के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश के चलते मौसम में नमी है और पेड़ पौधों के हरे-भरे होने के साथ नदी व तालाबों का पानी भी साफ हो चुका है। सांप सहित जमीन के भीतर रहने वाले अन्य जीव जंतु भी दिन में निकलने लगे हैं। जितेंद्र पिछले एक महीने के भीतर किंग कोबरा समेत दो दर्जन से अधिक सर्प रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ चुके हैं। प्रकृति में हुए इस बदलाव से छोट जीव और खासकर सरीश्रृप शायद अच्छा और अपने लिए अनुकूल महसूस कर रहे, जिसके कारण वे छुपने की बजाय बार-बार मानव आबादी के आस-पास निकलकर अपने होने का एहसास करा रहे।

आम निकालने उतरे और गड्ढे में बैठा था सांप

16र्-1ि1-16052021-569- कोरबा। गड्ढे में सर्प को रेस्क्यू कर जार में रखते सर्प मित्र जितेंद्र सारथी।

वन विभाग के कर्मचारी आवास के पास लोग उस समय सकते मे आ गए जब घर के पीछे एक गड्ढे में उतरे। यहां एक आम का पेड़ है, जिसमें फल लदे हैं। हवा चलने से कुछ आम वहीं पास के एक गड्ढे में गिर गए थे, जो जल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन का वाल खोलने-बंद करने के लिए करीब दस फीट की गहराई में बनाई गई है। सीढ़ी लगाकर जैसे ही गड्ढे में गिरे आम निकालने वे नीचे उतरे, उनके होश उड़ गए। उसमें एक अजीब सांप बैठा था, जो इधर-उधर रेंगकर बाहर निकलने का रास्ता खोज रहा था। वे आम को भूलकर खुद को बचाने ऊपर भागे और स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचित किया। जितेंद्र ने वहां पहुंच सांप को बाहर निकाला और एक डिब्बे में रख कर सुरक्षित किया।

शिकारियों से बचने मौत का नाटक करता है

भेड़िया सांप एक निशाचर प्राणी है। दिन में निष्क्रिय रहता है। वैसे तो यह काफी उग्र व्यवहार रखता है, पर जहरीला नहीं होता। अपने आप को फुर्ती से बचाने में माहिर सर्प दिन के समय नहीं दिखता। इसकी कुछ प्रजातियों में खुद को शत्रु से बचाने या अपने शिकार से छुपने छद्म आवरण व रंग बदल सकने का गुण भी होता है। इसके तेज नुकीले दांत होते हैं, जिसकी लंबाई का अंदाजा मुंह देखकर नहीं लग सकता, जो शिकार पर हमले के साथ गंभीर घाव करता है। यह संभावित शिकार को लुभाने और शिकारियों के पीछा किए जाने से बचने के लिए मौत का नाटक भी कर सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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