कोरबा । World Cancer Day 2020 आज विश्व कैंसर दिवसर है। पूरी दुनिया में कैंसर बीमारी से लड़ने के लिए कई रिसर्च चल रही है। ऐसे में एक उम्मीद की किरण छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पाए जाने वाले दुर्लभ औषधीय पौधे दहीमन में भी दिखी है। हाल ही पता चला है कि दहीमन नाम के इस औषधीय पौधे में कैंसर से लड़ने का गुण है। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा की कोरबा इकाई के तत्वावधान में सितंबर 2019 में खोज यात्रा आयोजित की गई थी।

बाल्को के घने जंगलों में चली इस खोज यात्रा में विज्ञान विशेषज्ञों की टीम ने एक खास औषधीय पौधा दहीमन की खोज की है। उन्हें मिले दहीमन के पौधे की विशेषता इसकी छाल से मिलने वाले ईथेनालिक एक्सट्रैक्ट में होती है। इस पौधे से प्राप्त होने वाले एक्सट्रैक्ट में एंटीफंगल एंटीमाइक्रोबियल और एंटी कैंसर तत्व प्राप्त होते हैं।

छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा की यह खोज यात्रा सितंबर 2019 में कुछ माह पहले वनांचल ग्राम बेला से कॉफी प्वाइंट के बीच आयोजित की गई थी। घने जंगलों से होते हुए प्राणीशास्त्र, वनस्पतिशास्त्र एवं फॉरेस्ट्री समेत विज्ञान के विभिन्न विभागों के विशेज्ञों की टीम ने लगभग 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा की।

कोबरा प्रजाति के सर्प विष के लिए एंटी वेनम भी

इतना ही नहीं दहीमन के इस पौधे की छाल में मौजूद ईथेनालिक एक्सट्रैक्ट में कोबरा प्रजाति के सर्पों के विष के लिए एंटी वेनम बनाने पर अभी भी शोध कार्य चल रहा है।

60 औषधीय पौधों की पहचान

खोज यात्रा में शामिल रहे दल के सदस्यों में केएन कॉलेज एवं शासकीय पीजी कॉलेज के लगभग 80 छात्र-छात्राएं भी थे, जिन्होंने अपने विभाग के विषय विशेषज्ञों के साथ खोज यात्रा की। औषधीय पौधों की खोज यात्रा के दौरान लगभग 60 औषधीय पौधों की पहचान की एवं उनकी उपयोग के विषय में जानकारी प्राप्त की।

यात्रा के दौरान विशेषज्ञों की टीम को विभिन्न प्रकार के कीट एवं तितलियों के अंडे, कैटरपिलर, कुछ सर्प जिनमें से विशेषता वाले वाइन स्नेक व मेंढकों की प्रजातियां खोज यात्रा के दौरान दिखी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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