Chhattisgarh News : कोरिया। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम सलवा से सटे जंगल मे एक नर भालू तेंदू के पेड़ में बंधे तार में फंस गया। जिसे वन विभाग के बैकुण्ठपुर रेंज की टीम ने 3 घंटे रेस्क्यू कर काफी मसक्कत के बाद निकाला। 11 अगस्त के सुबह 8 बजे से भालू के पेड़ में फंसे होने की खबर ग्रामीणों द्वारा मिली। बता दें कि जंगल में पेड़ पर फंसे भालू को बुधवार की दोपहर जंगल में उतरी वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने 3 घण्टे की मशक्कत के बाद पेड़ से उतार लिया है। लगभग 33 घंटे तक पेड़ की दो शाखाओं के बीच तार में फंसे भूख- प्यास से बेहाल नर भालू को किसी प्रकार की चोट नही आई है।

विभाग को सुबह मिली सूचना

भालू को बचाने वन विभाग की टीम पेड़ के नीचे झाड़ियों में अपनी सरकारी चार पहिया वाहन को लगा कर आधुनिक औजार का उपयोग करते हुए और भालू के हमले के डर के बीच स्थानीय ग्रामीणों की मदद से 3 घंटे रेस्क्यू कर निकाला। हालांकि भालू के फंसे होने की जानकारी के लगभग 7 घण्टे बाद वन अमला मौके पर पहुंचा था।

यूं चला अभियान

दोपहर 3 बजे जंगल में उतरी वन विभाग की टीम ने सबसे पहले भालू के फंसे होने की स्थिति को जांचा- परखा। उसके बाद घटना स्थल से 15 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय से वन विभाग के अन्य विशेषज्ञों को आधुनिक औजार सहित बुलवाया। फिर टीम के आने पश्चात पेड़ के बिलकुल नीचे झाड़ियों के बीच तक चार पहिया वाहन पहुंचाया और तार को काटा। लगभग 3 घण्टे के प्रयास पर भालू तार के जाल से निकल पाया।

जब वन विभाग की वाहन कीचड़ में फंसी

वन विभाग टीम की वाहन भालू को बचाने का प्रयास कर रही थी तभी चार पहिया कीचड़ में जा फंसा। उसके बावजूद टीम के सदस्यों ने पहले भालू को निकालना व बचना बेहतर समझा और जब भालू को सुरक्षित निकाल लिया गया, उसके बाद ही उन्होंने अपने वाहन को कीचड़ से निकाला।

मादा भालू के आने का डर

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि नर भालू के अलावा एक मादा भालू भी है जो लगातार इस नर भालू के आसपास दिखाई दी है और वह दोबारा किसी भी समय पहुंच सकती है। इसी कारण भालू को बचाने आई टीम को रेस्क्यू के दौरान यह बात काफी भयभीत कर रही थी।

प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि 11 अगस्त के सुबह 8 बजे भालू को उसने पेड़ पर शांत बैठा देखा था। तब उसने यह नही सोचा कि भालू किसी परेशानी में है, लेकिन आज दोबारा देखने पर उसने तत्काल वन विभाग बैकुण्ठपुर के अधिकारियों को दी ताकि भालू की मदद की जा सके।

कोरिया के जंगलों में भालुओं की भरमार

कोरिया के घने जंगलों में बड़ी संख्या में भालू पाए जाते हैं। पिछले दिनों यहां चिरमिरी वन परिक्षेत्र में ही एक दुर्लभ सफेद भालू नजर आया था। इस तरह का भालू यहां पहली बार नजर आया है। वन विभाग की टीम और प्राणी विशेषज्ञ इसके बारे में जांच पड़ताल कर रहे हैं।

Posted By: Himanshu Sharma

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