चिरमिरी।साल भर से अपनी 1 सूत्री मांग को लेकर आंदोलनरत चिरमिरी जिला मुख्यालय बनाओ संघर्ष समिति द्वारा मुख्यमंत्री के कोरिया प्रवास के एक दिन पूर्व प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के लाख प्रयास के बाद भी अपने द्वारा संचालित क्रमिक भूख हड़ताल अनशन के स्थान पर 8 सितंबर से 6 सत्याग्रही उपेंद्र जैन ,वीरू खान आजाद सिंह, चंदन गुप्ता, प्रताप अधिकारी व पूरन गुप्ता द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में आमरण अनशन बैठे रहे। इसके साथ ही 9 सितंबर को चिरमिरी बंद व काला दिवस मनाने तथा पुतला दहन की घोषणा से प्रशासनिक हलचल बढ़ गई थी। शुक्रवार की सुबह से ही बड़ी संख्या में आए पुलिस दल द्वारा आमरण अनशन में बैठे आंदोलनकारियों को बलपूर्वक गाड़ी में बैठाकर चिरमिरी थाने ले जाने व संघर्ष समिति चिरमिरी का मंच पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। संघर्ष समिति चिरमिरी का मंच ध्वस्त किए जाने की सूचना शहर में फैलने से आक्रोशित लोगों द्वारा जहां पूरी तरह चिरमिरी को बंद रखकर आक्रोश प्रकट किया गया। वहीं पर चिरमिरी के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर 9 सितंबर को काला कपड़े व झंडे लगाकर काला दिवस भी मनाया गया। संघर्ष समिति चिरमिरी व स्थानीय नागरिकों द्वारा पुतला दहन करके स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया गया। वहीं आंदोलन की आग व उपेक्षा के आक्रोश से भड़क रहे आंदोलनकारियों को शांत कराकर स्थानीय पुलिस प्रशासन ने थाने में ही आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारी उपेंद्र जैन, वीरू खान, आजाद सिंह, चंदन गुप्ता, प्रताप अधिकारी व पूरन गुप्ता को तहसीलदार के हाथों जूस पिलाकर आंदोलन को समाप्त कराया। संघर्ष समिति चिरमिरी के आंदोलनकारी उपेंद्र जैन का कहना था कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए संघर्ष समिति चिरमिरी द्वारा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को फिलहाल अस्थाई विराम दिया गया है। शीघ्र ही संघर्ष समिति चिरमिरी के सदस्य व सत्याग्रह पद यात्री बैठक करके चिरमिरी को बचाने के लिए व चिरमिरी हित में आंदोलन की नई रूपरेखा तैयार करेंगे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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