Sawan Maas 2020 : राकेश शर्मा, नुआपड़ा (नईदुनिया)। हिंदू धर्म के सबसे पवित्र महीनों में से एक सावन(श्रावण) मास छह जुलाई सोमवार से हो प्रारंभ होने जा रहा है। सावन 2020 में इस बार सोमवार का अद्भुत संयोग बन रहा है। सावन की शुरुआत के पहले दिन ही सोमवार है, वहीं सावन माह के आखिरी दिन यानी तीन अगस्त को भी सोमवार का दिन रहेगा।

सोमवार, भगवान शिव को अतिप्रिय है। पूरे सावन माह में भक्तगण भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। शिवालयों में शिव भक्तों की खूब भीड़ रहती है। जिले के पतोरा में स्थित प्राचीन योगेश्वर मंदिर में भी कांवड़ियों का तांता रहता था। लेकिन, इस बार कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते ओडिशा सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है।

ओडिशा के पर्यटन मानचित्र पर नुआपड़ा जिले के पतोरा स्थित विश्व प्रसिद्ध योगेश्वर महादेव मंदिर का अपना एक विशेष स्थान है। सन 1984 में पुरातत्व विभाग द्वारा मारागुड़ा सभ्यता की खुदाई के दौरान अष्ट शंभू शिव मंदिर के भग्नावशेष मिले थे, जो की छठवीं शताब्दी के हैं। इनमें दो पूर्ण शिवलिंग एवं छह खंडित शिवलिंग है। दो पूर्ण शिवलिंगों में से एक शिवलिंग ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित राज्य संग्रहालय भेज दिया गया तथा एक शिवलिंग को पतोरा स्थित योगेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित किया गया।

मंदिर निर्माण में गुलशन कुमार ने किया था सहयोग

इस प्राचीन मंदिर का जब नवीनीकरण किया गया तब टी-सीरीज के संस्थापक भजन सम्राट स्व. गुलशन कुमार ने 71 फीट ऊंचे नए मंदिर के निर्माण में सहयोग किया था। साथ ही 34 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा, 14 फीट की गणेश जी की प्रतिमा व नंदी की मूर्ति बनाई गई जो आकर्षण का केंद्र हैं। साथ ही यहां भव्य राम मंदिर का निर्माण भी किया गया है। मंदिर के दीवारों पर बनाई गई कलाकृतियां अतीत की कहानी बयां करती है। यहां स्थित राजीव उद्यान में आप आनंद के पल बिता सकते हैं।

साथ ही पहाड़ों से घीरे जोंक नदी पर बने पतोरा बांध के मनोरम दृश्यों का आनंद लेने के साथ-साथ नौका विहार भी कर सकते हैं। इस खूबसूरत बांध में अथाह जलराशि किसी समुद्री द्वीप का अहसास कराती हैं।

सावन माह में इस प्राचीन मंदिर में भगवान शिव को जल चढ़ाने व यहां से पवित्र जल ले जाने बड़ी संख्या में शिवभक्त व कांवड़िया ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, आंध्र प्रदेश सहित देश के विभिन्न प्रांतों से यहां आते थे। आम दिनों में भी यहां भक्तों की भीड़ रहती है। लेकिन, श्रावणी मेला में यह स्थान दिन रात भक्तों से खचाखच भरा रहता है। इस मर्तबा श्रावणी मेला बंद होने से व्यवसाय भी पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Raksha Bandhan 2020
Raksha Bandhan 2020