महासमुंद। टोकन जारी करने के निर्देश के तीन दिन बाद साफ्टवेयर में सुधार हुआ है। खरीदी के दौरान किसानों को परेशानी का सामना न करने पड़े इसके लिए सोमवार को छुट्टी के दिन टोकन जारी किया गया। हालांकि जिले के सोसाइटियों में टोकन को लेकर अभी भी समस्या है जिससे टोकन के लिए पहुंचे किसानों को लौटना पड़ा।

शहर के पिटियाझर खरीदी केंद्र में पहले दिन समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए 27 किसानों को टोकन जारी किया गया है। जिसमें ग्राम खरोरा और चोरभट्ठी के किसान शामिल हैं। खरीदी के लिए समिति को 12 हजार बोरियां दी गई है। यहां पर कुल 1133 किसान पंजीकृत हैं, जिनसे धान खरीदी की जाएगी।

इसी तरह झालखम्हरिया सोसाइटी में 1686 किसान पंजीकृत हैं। यहां 15 हजार बोरियां दी गई है, जिसमें पहले दिन 59 किसानों से धान खरीदी के लिए टोकन जारी किया गया है। जिसमें कोसरंगी, बोरियाझर, केशवा और साल्हेभाठा के किसान धान बेचेंगे। मंगलवार से समर्थन मूल्य में होने वाली धान खरीदी के लिए समितियों में तैयारियां पूरी कर ली गई है।

बेमचा में अब तक किसानों को नहीं मिला टोकन

मुख्यालय से लगे बेमचा धान खरीदी केंद्र में अब तक किसानों को टोकन जारी नहीं हो सका है। केंद्र प्रभारी रमेश सिन्हा ने बताया कि साफ्टवेयर में सुधार तो हो गया है लेकिन उन्हें आइडी पासवर्ड नहीं मिला है, जिसकी वजह से यह समस्या सामने आ रही है। पहले बनसिवनी और कौंदकेरा के किसानों से खरीदी की जानी है लेकिन इन्हें टोकन जारी नहीं किया जा सका है। सोमवार देर शाम तक आइडी पासवर्ड मिलने के बाद टोकन जारी करने की बात कही गई है। खरीदी के लिए 20 हजार बोरियां यहां पहुंची है।

नई और उप केंद्र से बनी समितियों में दिक्कत

टोकन काटने को लेकर नई समितियों में अभी भी परेशानी समाप्त नहीं हुई है। इसकी वजह जहां कुछ समितियों को आइडी पासवर्ड जारी नहीं हुआ है वहीं कुछ के साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुए हैं। जानकारी के मुताबिक जिले में इस साल 49 नई समितियां का गठन किया गया है। इन समितियों में ज्यादातर समितियां पुरानी समितियों के उपकेंद्र थी, जिन्हें अलग कर नई समिति बनाई गई है।

मौसम को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम

खरीदी केंद्रों में खरीदे गए धान को बारिश से बचाने के लिए कैप कवर, पुराने तिरपाल आदि के प्रबंध किए गए हैं। वहीं नई पुरानी भूसी मिलाकर धान का स्टेक लगाने के लिए प्रबंध किए गए हैं।

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पिरदा धान खरीदी में हेराफेरी, अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी

धान खरीदी केंद्र पिरदा में खरीफ सीजन 2019-20 की धान खरीदी में करीब 93 लाख रुपये से ज्यादा की हेराफेरी मामले में चार नवंबर को एफआइआर दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में खरीदी प्रभारी मोहन लाल पटेल एवं समिति अध्यक्ष हरिराम चौधरी के खिलाफ अपराध दर्ज हुआ है। वहीं शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को शपथ-पत्र देते हुए इस प्रकरण में बासुदेव पटेल, नेहरू लाल पटेल, राजकुमार पटेल तथा अगस्ती प्रधान का नाम एफआइआर में जोड़ने की मांग की है।

खरीफ सीजन 2019-20 में धान खरीदी केंद्र पिरदा में भारी अनियमितता, धान शार्टेज, बोरा में हेराफेरी कर शासकीय राशि का नुकसान करने की शिकायत पर अंतिम जांच 29 अप्रैल 2020 के अनुसार इस खरीदी केंद्र में कुल औसत 5066 क्विंटल धान की वन कमी, बारदानों की गड़बड़ी तथा समिति के बचत खाता से साढ़े आठ लाख रुपये बिना अनुमति के आहरण की शिकायत थी। जांच के बाद खरीदी प्रभारी एवं समिति अध्यक्ष के विरुद्ध चार नवंबर 2020 के एफआइआर में अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इस प्रकरण के बारे में विवेचना अधिकारी दरबारी राम तारम ने बताया कि उक्त प्रकरण की डायरी को पुलिस अधीक्षक महासमुंद ने मंगा लिया है, उनके निर्देश के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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