महासमुंद । नईदुनिया प्रतिनिधि

जिला अस्पताल महासमुंद का नाम अब पुरुषोत्तम कौशिक जिला अस्पताल होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशिक की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करने 20 जनवरी को महासमुंद के छत्तीसगढ़ स्कूल परिसर पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उक्त घोषणा की है। नौ माह बीत गया, मुख्यमंत्री की घोषणा अब तक थोथी साबित हुई है। जिला अस्पताल में अब तक दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री पुरूषोत्तम कौशिक का नाम लिखा बोर्ड नहीं लग पाया।

मुख्यमंत्री बनने के बाद भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ चंद्रनाहू शिक्षण समिति के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में पहली बार महासमुंद पहुंचे थे। तब अन्य समाजों ने भी कर्ज माफी सहित भूपेश सरकार की योजनाओं के लिए अभिनंदन किया था। इस दौरान विधायक विनोद चंद्राकर की मांग पर दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशिक को सम्मान देते हुए बघेल ने जिला अस्पताल का नामकरण कौशिक पर करने की घोषणा की। बता दें कि जब कौशिकजी नागरकि उड्डयन मंत्री थे तब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी उनके पायलट हुआ करते थे। महासमुंद क्षेत्र का नाम देश-विदेश में रोशन करने वाले समाजवादी चिंतक पुरूषोत्तम कौशिक को कृतज्ञ समाज ने सदैव श्रद्धासुमन अर्पित करता है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भी कौशिक जी अमर रहे का नारा मंच से लगवाया था। लेकिन कार्यक्रम से लौटते ही शासन-प्रशासन को मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल कराना याद नहीं रहा। जिला अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मुख्यमंत्री ने घोषणा जरूर की है, लेकिन उनके पास लिखित तौर पर पत्र नहीं आया है। इसलिए वे अब तक नामकरण का बोर्ड नहीं लगवाए हैं।

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वर्जन

इस संबंध में कलेक्टर से हमनें जानकारी ली है। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सचिव को पत्र प्रेषित किया है। स्वास्थ्य विभाग से आगे इस मामले में पत्राचार क्यों नहीं हुआ, मामला कहां अटका है। जानकारी ली जाएगी। निःसंदेह यह संवेदनशील मामला है, सीएम ने जनवरी में घोषणा की है, विभागीय अमला अब तक इस पर गंभीरता क्यों नहीं दिखाया है इस पर संज्ञान लेंगे।

-विनोद चंद्राकर, विधायक महासमुंद।