महासमुंद। महिला बाल विकास विभाग में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना और रेडी-टू-ईट योजना में करीब 30 लाख रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से जिला महिला बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोदले ने रविवार सुबह 10 बजे से घर पर ही अनशन शुुरु कर दिया। बेमियादी अनशन पर बैठे अधिकारी ने बताया कि मामले में जांच प्रतिवेदन जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों को सौंपे जाने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने अनशन करने का फैसला लिया। इसके लिए जिला प्रशासन से स्थल और अनशन की अनुमति के लिए पत्र लिखकर मांग की, लेकिन प्रशासन से जब जवाब नहीं मिला तो वे घर पर ही अनशन पर बैठ गए। हालांकि शाम चार बजे बोदेले को सिटी कोतवाली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इस संबंध में टीकाराम सारथी, सिटी कोतवाली महासमुंद ने कहा कि सुधाकर बोदेले को पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया है। फिलहाल पूछताछ जारी है। वहीं मनोज सिन्हा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास महासमुंद ने बताया कि सुधाकर बोदले द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार है। स्वयं के द्वारा जांच कर कार्य को प्रभावित करना है। पूर्व में भी शिकायत की गई थी, जिसके बाद हुई जांच में सब सही पाया गया था। इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।

रेडी-टृू-ईट को अनशन स्थल पर रखा

सुधाकर बोदले ने अनशन स्थल पर विभाग से मुख्यमंत्री विवाह कन्या दान योजना अंतर्गत हितग्राहियों के लिए उनके कार्यकाल में खरीदी की गई सामग्री के साथ पिछले दो वर्ष से खरीदी की जा रही सामग्री को अनशन स्थल में गुणवत्ता दिखाने के लिए रखा है। उन्होंने इसका डेमो दिखाकर भ्रष्टाचार से अवगत कराया। इसके अलावा जांच के दौरान हितग्राहियों को वितरण किए गए रेडी-टू-ईट को भी उन्होंने रखा है। उन्होंने बताया कि विवाह योजना के लिए जो सामान खरीदे गए हैं उसकी कीमत 12 हजार रुपये बताई गई है। जबकि बाजार में उक्त सामग्री की कीमत करीब सात हजार रुपये है, जिसका मूल्यांकन उन्होंने स्वयं जांच के दौरान किया है। उन्होंने बताया कि कन्यादान योजना में 20 लाख रुपये की गड़बड़ी जांच में सामने आई है।

15 सेक्टरों में वितरित रेडी-टू-ईट में 11 में गुणवत्ताहीन

सुधाकर बोदले ने महासमुुंद ब्लॉक के 15 सेक्टरों में हितग्राहियों को वितरित किए गए रेडी-टू-ईट में 11 सेक्टरों में रेडी-टू-ईट गुणवत्ताविहीन होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रेडी टू ईट में जिस तरह की सामग्री की गुणवत्ता होनी चाहिए वह नहीं है। सोया, चना की जगह गेहूं की मात्रा अधिक है। हितग्राहियों से गुणवत्ता वाले और गुणवत्ताविहीन सामग्री का स्वाद चखाकर परीक्षण किया गया। रेडी टू ईट में करीब 10 लाख रुपये की गड़बड़ी जांच में पाई गई है।

जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं

सुधाकर बोदले का कहना है कि मामले में जांच कर प्रतिवेदन जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों को सौंपने के बाद भी मामले में कार्रवाई नहीं की गई है। जिसकी वजह से उन्हें अनशन पर बैठना पड़ा है। रविवार अवकाश है इसलिए पूरे दिन और कार्यालयीन दिनों में वे कार्य सम्पन्ना करने से पूर्व सुबह आठ से 10 व शाम को पांच से आठ बजे तक प्रतिदिन घर पर ही अनशन करेंगे।

भाजपा नेताओं ने दिया समर्थन

बोदेले के अनशन की सूचना पर भाजपा नेता पूनम चंद्राकर, नपाध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर, सतपाल पाली, संदीप घोष सहित नेतागण पहुंचे और धरना-प्रदर्शन को समर्थन दिया। इधर शाम चार बजे डा विमल चोपड़ा जब पहुंचे इससे पूर्व ही बोदेले को सिटी कोतवाली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। मामले में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सीएम रमन सिंह ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर के अधिकारी का अपने ही विभाग में व्याप्त अनियमितता पर अनशन करना प्रदेश का पहला मामला है। उनके जांच प्रतिवेदन और पत्रों पर कार्रवाई न होना गम्भीर मामला है। उन्होंने मामले की जांच किसी न्यायाधीश से कराने की मांग रखी है।

हर शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई होती है : कलेक्टर

कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि सुधाकर बोदले, जिला महिला बाल विकास अधिकारी महासमुंद द्वारा जो शिकायतें भ्रष्टाचार के संबंध में की गई है उसमें शासन स्तर से जांच चल रही है एवं जिला स्तर से भी कार्यवाही की जाएगी। किसी प्रकार के भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया विभागीय अधिकारियों के बीच आपसी खींचतान का यह मामला दिखाई पड़ता है। किसी भी तरह की शिकायत आने पर चाहे वह आम जनता से प्राप्त हुई हो या किसी विभागीय अधिकारी-कर्मचारी से सभी शिकायतों की संबंधित विभागों के द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाती है । बोदले से संबंधी शिकायत की जाँच भी राज्य और प्रशासन स्तर पर चल रही है। कलेक्टर ने जारी बयान में कहा गया कि सुधाकर द्वारा प्रतिकूल व्यवहार किया जा रहा है, जो कि छग सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन है। इस प्रकार उनके द्वारा शासन की छवि खराब की जा रही है एवं शासकीय कायर्ोें में बाधा उत्पन्ना किया जा रहा है। जिले में कोविड पैनडेमिक अंतर्गत धारा लागू है जो कि किसी भी व्यक्ति विशेष/शासकीय अधिकारी/कर्मचारी को अनशन एवं सत्याग्रह के लिए प्रतिबंधित करता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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