बागबाहरा। बागबाहरा ब्लाक के आंगनबाड़ी केंद्रों में पैसों की कमी के कारण 20 जनवरी के बाद से बच्चों को पौष्टिक गर्म भोजन मिलना बंद हो जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं आर्थिक तंगहाली के कारण व विभाग के असहयोग के कारण इसे आगे चला पाने की स्थिति में नहीं हैं।

इस आर्थिक संकट की मार उन आदिवासी कमार जाति की दो वर्ष से 49 वर्ष की महिलाओं पर भी पड़ने लगी, जिन्हें अंडा दिया जाता था वो अब बंद हो चुका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के मानदेय राशि सहित पूर्व में राशन सामग्रियों की राशि की मांग करते हुए छत्तीसगढ़ जुझारु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका कल्याण संघ की ओर से एक लिखित जानकारी बागबाहरा महिला एवं बाल विकास के परियोजना अधिकारी को दी गई है।

संघ के बागबाहरा ब्लाक के अध्यक्ष सरोज चंद्राकर, चंद्रिका यादव, रवीना साहू, रेखा, रामेश्वरी साहू चम्पी साहू, राजकुमारी दीवान ने बागबाहरा महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी को 10 बिंदुओं की मांगपत्र सौंपा है। कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने कहा कि नवंबर व दिसंबर 2021 के मानदेय का अबतक भुगतान नहीं होने से आर्थिक रूप से परेशान हैं।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्रों में बच्चों को पौष्टिक गर्म भोजन दिया जा रहा है। जुलाई 2021 से उस राशि का भुगतान भी अप्राप्त है। जबकि विभाग को हर माह समय पर रिपोर्ट भेजा जाता रहा है। अब स्थिति ऐसी है कि समूह की महिलाएं भी गर्म भोजन चलाने से तथा राशन सामग्री देने हाथ खड़ी कर चुकी हैं।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि वो स्वयं के व्यय से चला रहीं हैं। यहीं स्थिति बनी रही तो 20 जनवरी से सभी केंद्रों में गर्म भोजन देना बंद कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि पांच माह से राशि नहीं मिलने के कारण दुकानदार भी राशन सामग्री देने से इंकार कर रहे हैं।

कार्यकर्ताओं का कहना है आदिवासी कमार जाति के दो से 49 वर्ष की महिलाओं को अंडा दिया जाना है, जिसके लिए विभाग से अग्रिम राशि की मांग की गई थी लेकिन वो भी नहीं दिया गया। इसके चलते अंडा वितरण बंद कर दिया गया है। वहीं सहायिकाओं का कहना है ईंधन की राशि सहायिकाओं के खाते में आता है लेकिन पिछले पांच माह से ईंधन की राशि नहीं मिली है, और न ही मानदेय मिला है। ऐसी स्थिति में सहायिका ईंधन कहां से लाएगी।

कार्यकर्ताओं ने मांग-पत्र में बताया कि पिछले लाकडाउन के दौरान घर-घर जा कर सुखा राशन वितरण किया गया था। जिसका 60 प्रतिशत राशि का भुगतान किया गया और शेष 40 प्रतिशत राशि का भुगतान अबतक नहीं हो पाया।

इसके अलावा वर्ष 2019 में कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाएं और कुपोषित बच्चों को फल्ली लड्डू वितरण किया गया। और पांच से छह बार बिल विभाग में जमा किया गया, फिर भी भुगतान अटका है। मोबाइल रिचार्ज का भुगतान एवं वर्ष 2018 में 50 दिनों के हड़ताल अवधि का भुगतान करने की मांग की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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