Mahasamund News: महासमुंद जिले में खनिज न्यास मद (डीएमएफ) से साइकिल से सैर के नाम पर 15 लाख रुपये फूंक दिए गए। आपको बता दें कि कलेक्टर जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष कलेक्टर हैं, और जिला पंचायत सीईओ न्यास के सचिव हैं। खनिज विभाग मंत्रालय रायपुर के दिशा निर्देश के विपरीत जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से 14.99 लाख रुपये साइकिल से सैर पर खर्च की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। खास बात ये है कि डीएमएफ की राशि खनिज उत्खनन क्षेत्र या इससे प्रभावित सात किमी के क्षेत्र पर खर्च की जा सकती है, बावजूद अधिकारियों ने इस मद से खर्च किया।

जानिये पूरा मामला

पर्यावरण व पर्यटन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कलेक्टर ने 'टूर दे सिरपुर' का आयोजन किया था। आयोजन के तहत 26 मार्च की सुबह वन विद्यालय परिसर से साइकिल यात्रियों का दल सिरपुर के लिए रवाना हुआ था। दल में कलेक्टर के अलावा जिला पंचायत के सीईओ, डीएफओ, तत्कालीन एसडीएम व नागरिक, सरकारी कर्मचारी, खिलाड़ी, स्कूल कालेज के विद्यार्थी थे। यात्रा को संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर ने हरी झंडी दिखाई और पहले पड़ाव बेमचा तक स्वयं साइकिल चलाते रहे, इसके बाद लौट गए। दूसरे पड़ाव वन चेतना केंद्र कोडार में साइकिल यात्री रुकी, यहां रायपुर से भी कुछ साइकिल यात्री शामिल हुए। इसके बाद सभी सिरपुर के लिए साथ निकले। लगभग सौ की संख्या में पहुंचे अधिकारी, नागरिक, विद्यार्थियों ने सिरपुर को देखा। दोपहर व रात में भोजन भी किया। 27 मार्च की सुबह के नाश्ते के बाद सभी लौट गए। इस प्रकार महज 40 किमी की इस यात्रा में 15 लाख रुपये खर्च किये गए।

आयोजन पर खर्च हुए 15 लाख रुपये

इस आयोजन पर कलेक्टर व पदेन अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास ने जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 14 लाख 99 हजार दो सौ रुपये खर्च की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। 23 सितंबर 2022 को जारी प्रशासनिक स्वीकृति में कार्य का नाम टूर दे सिरपुर, कार्य की प्राथमिकता- अन्य प्राथमिक कार्य, सेक्टर -भौतिक संरचना/22-3 क, सब सेक्टर- अन्य औधोगिक अधोसंरचना कार्य बताया है। इस खर्च के लिए कलेक्टर ने नोडल एजेंसी एसडीएम राजस्व महासमुंद को बनाया है। नीलेश कुमार क्षीरसागर, कलेक्टर महासमुंद ने कहा कि 'टूर दे सिरपुर' के आयोजन में एक हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे। दो दिन के इस कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों के लिए भोजन, नाश्ता, टैंट आदि की व्यवस्था की गई थी। यह कार्यक्रम पर्यावरण व पर्यटन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए था। खनिज न्यास मद की राशि को लोगों की जागरूकता के लिए खर्च किया जा सकता है।

मुख्य सचिव को लेना चाहिए संज्ञान

खनिज न्यास मामलों के जानकार व किसान मजदूर संघ संयोजक ललित चन्द्रनाहू का का कहना है कि खनिज विभाग मंत्रालय छग के निर्देशों के परे अध्यक्ष व सचिव जिला खनिज न्यास ने अपने पदीय शक्ति का दुरुपयोग किया है। खनिज न्यास मद का उपयोग सैर सपाटे के लिए नहीं किया जा सकता। यह सीधे तौर आर्थिक अपराध है। इसमें न्यास के अध्यक्ष के साथ ही न्यास के सचिव, तत्कालीन एसडीएम जिम्मेदार हैं। इस पर मुख्य सचिव को संज्ञान लेना चाहिए। वहीं जानकारों का यह भी कहना है कि कलेक्टर ने साइकिल से सैर कराया, कुछ नई महंगी साइकिलें भी खरीदी। भोजन व अन्य तरह के प्रबंध किए और इसी पर डीएमएफ की राशि नोडल एजेंसी राजस्व महासमुंद के माध्यम से खर्च कर दिए। जानकारों का यह भी कहना है कि खनिज न्यास मद का उपयोग अधिकारी अपनी मनमर्जी से कर रहे हैं। जबकि यह नियम विरुद्ध है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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