महासमुंद। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर के आवास हीन, भूमिहीन परिवार पीएम आवास के तहत आवास पाने अर्से से प्रतीक्षारत हैं। लेकिन पालिका ऐसे लोगों की मदद करने में पिछड़ी हुई है। पालिका के पास भूमिहीन परिवारों को आवास देने के लिए जमीन भी उपलब्ध है, लेकिन इस जमीन पर धान की फसल ली जा रही है। इधर आवास पाने के लिए सैकड़ों परिवार आवेदन देने के बाद वर्षो से पालिका का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इन्हें अपने हित से जुड़ा शुभ समाचार नहीं मिला है।

कॉलोनाइजर से मिली है जमीन

जानकारी अनुसार कालोनाइजर एक्ट के तहत कालोनी बसाने वालों को गरीबों के आवास के लिए कालोनी में एक हिस्सा देने का प्रावधान है। नगर में मेघ बसंत आवासीय कालोनी विकसित हुआ, तो कालोनाइजर ने प्रावधान का पालन करते हुए गरीबों के आवास के लिए करीब पौने दो एकड़ जमीन पालिका को दी। यह जमीन पिटियाझर में उमरदा मार्ग पर है। पालिका के पास यह जमीन करीब छह साल से है, और हर साल जमीन से लगे खेत के किसान इसे रेग पर लेकर खेती कर रहे हैं। जिससे पालिका को करीब आठ से 10 हजार रुपये की सालाना आय हो रही है।

तीन साल से शासन को गया है प्रस्ताव

पालिका से मिली जानकारी अनुसार पिटियाझर की जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाने तीन साल पहले ही प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव बनाने के बाद इस संबंध में भूमिहीन परिवार से आवेदन भी मंगाए गए थे। 12 सौ से अधिक आवेदन पालिका कार्यालय को मिले थे। हालांकि इस जमीन पर अटल आवास की तरह ही फ्लैट बनाने की प्लानिंग है, जिससे करीब डेढ सौ परिवार को लाभ मिल सकता है।

वर्जन

'पटियाझर में पौने दो एकड़ जमीन है। यहां आवासहीन लोगों के आवास बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, फिलहाल शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति मिलने पर यहां फ्लैट बनाने का काम प्रारंभ होगा। करीब डेढ़ सौ लोगों को यहां आवास देने की कार्ययोजना है। खाली जमीन है और खेत से लगी हुई है, इसलिए कुछ किसानों ने यहां फसल लेने की इच्छा जाहिर की है। इनसे सालाना एकमुश्त रकम मिलता है, जिसे पालिका मद में जमा लिया जाता है।'

-पवन पटेल, नपाध्यक्ष महासमुंद

---