महासमुंद। नईदुनिया न्यूज

तंबाकू नियंत्रण के नियमों की जानकारी देने के लिए जिले के सभी विकासखंडों के विद्यालय, महाविद्यालय, हाट-बाजार, अस्पताल परिसर एवं रेस्तरां में चेतावनी बोर्ड चस्पा करने अभियान चलाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम क्रमशः महासमुंद, झलप, पिथौरा एवं सांकरा क्षेत्र में कोटपा अधिनियम 2003 के परिपालन में औचक निरीक्षण कर विभिन्न शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थानों की जांच कर रही है। इस दौरान नियम विरुद्ध पाए गए संस्था एवं संस्थान संचालकों ने जानकारी ना होने का बहाना किया, जिस पर उन्हें अधिनियम की धारा 04 व 06 की जानकारी दी गई। गैर धूम्रपान क्षेत्र एवं तंबाकू मुक्त संस्थान प्रयोग किए जाने वाले चेतावनी बोर्ड चस्पा करने निर्देशित किया गया। साथ ही तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संस्थागत कर्मचारियों एवं जन सामान्य से इस ओर अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने की अपील की गई।

जिला सलाहकार बट्ट ने बताया कि संस्थानों में कोटपा अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही नहीं करते हुए फिलहाल केवल समझाइश दी गई है। उन्हें नियमों का तत्काल पालन करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। आगामी त्यौहारों को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटी मिष्ठान भंडारों एवं रेस्तरां संचालकों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए मौके पर पहुंच कर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दूध पाउडर जैसे मिष्ठान के सैंपल एकत्र किए। सैंपल जांच के लिए राजधानी रायपुर भेजे गए हैं।

कोटपा एक्ट के तहत धारा-4 में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध है, नियम तोड़ने पर 200 रुपए का जुर्माना है। धारा-5 में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध से जुड़े नियम हैं। नियमों को तोड़ने पर पांच हजार रुपए का जुर्माना और पांच वर्ष की कैद का प्रावधान है। इसी प्रकार धारा-6 में नाबालिग एवं शैक्षिक संस्थानों के आस-पास बिक्री करने या उपयोग करने पर प्रावधान है। जिसमें 200 रुपये के जुर्माने किए जाने के नियम हैं। धारा - 7, 8, 9 बगैर स्वास्थ्य चेतावनी के सिगरेट और अन्य तंबाकू की बिक्री पर रोक लगाता है, नियमों को तोड़ने पर पांच से दस हजार रुपए तक का जुर्माना और दो से पांच साल की सजा का प्रावधान है।

Posted By: Nai Dunia News Network