महासमुंद(नईदुनिया न्यूज)। देश के कई राज्यों के गांव के तालाब या जगह भी ऐसी होंगी जहां पशु पालक अपने मवेशियों को पानी पिलाने और नहलाने के लिए जाते होंगे। कई तालाब ऐसे भी होंगे जिसके आस-पास कोई छायादार पेड़ नहीं होगा। मवेशियों और लोगों को इस कारण गर्मी में छांव के लिए दूर पेड़ तले बैठ कर कुछ क्षण आराम पड़ता होगा। इस तरफ किसी ने भी ध्यान नहीं दिया और गांव स्थित तालाब के पास यूं ही पशु पालक तालाब में मवेशियों को छोड़ मवेशियों के साथ खुद भी छांव के लिए जगह-जगह भटकते रहते होंगे। ऐसा कई लोगों ने देखा या सुना होगा। लेकिन अब कम-से कम छत्तीसगढ़ राज्य में ऐसा बिल्कुल नही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में मवेशियों की स्वास्थ्य, सुविधा और सुरक्षा को लेकर गोठानों का निर्माण कराया है। जहा? चारा-पानी और छाया का पूरा इंताम है। तो वहीं किसानो, पशुपालकों की और अधिक आर्थिक स्थित मबूत करने के लिए गोधन न्याय योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत सरकार गोठानों में पशुपालकों से दो रुपये की दर से गोबर ख़रीद रही है। जिसका शुभारंभ विगत 20 जुलाई हरेली पर्व पर हुआ। ख़रीदें गए गोबर का भुगतान पांच अगस्त को संबंधित गोबर बेचने वाले पशुपालकों के सीधे उनके बैंक खातों में जाएगा। गोठानों में मवेशियों के स्वास्थ्य की उचित देखभाल के साथ टीकाकरण भी किया जा रहा है।

गोठानों में कार्य प्रगति की जानकारी शासन को हर सात दिन में भेजनी होगी। जिले के गोठानों में 50 हजार पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्वयं हर सप्ताह कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी लिा पंचायत को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुणवत्ता पूर्ण ढंग से करने कहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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