महासमुंद । 15 वे वित्त मद की राशि के लिये ग्राम पंचायतों को कार्य एजेंसी बनाये जाने के बाद भी जनपद पंचायत के अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर उक्त मद की राशि को सीधे फर्मो को भुगतान किया जा रहा है। उक्त बातें जनपद सदस्य दिग्विजय साहू ने कही।

जनपद सदस्यों द्वारा इसे लेकर सामान्य सभा की बैठक में आपत्ति किये जाने के बाद भी आज तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा न ही कोई नोटिस जारी किया गया है और न ही कोई कार्यवाही की जा रही है।दिग्विजय ने कहा कि स्पष्ट है कि, जनपद पंचायत द्वारा कार्य एजेंसी को भुगतान न कर किसी अज्ञात राधे इंटरप्राईजेस को सीधे भुगतान किया गया है जबकि पंचायत अधिनियम के आधार पर कार्य एजेंसी को ही पैसा देना है।

फर्म किसकी, जांच होः बताया गया है कि अधिनियम विरुद्ध कार्य एजेंसी को राशि भुगतान न कर राधे इन्टरप्राइजेश को सीधे तौर पर भुगतान किया गया है। इस मामले में दिग्विजय ने बताया कि यह जांच का विषय है कि राधे इन्टरप्राइजेश किसका फर्म है। फर्म के संचालक का जनपद के सत्ताधारी जनप्रतिनिधि व पदाधिकारियों से क्या संबन्ध है।

15वें वित्त के 39 लाख में भ्रष्टाचार का आरोप

मामले की फाइल देखे बिना इस पर जवाब दे पाना कठिन है। फाइल देखकर ही जवाब दे पाएंगें।

-समृद्धि शर्मा, जिला संकाय सदस्य जिला पंचायत

दो लाख की खरीदी कर 10 लख का बिल बनवाया

जनपद पंचायत के कृषि स्थायी समिति के सभापति दिग्विजय साहू ने 23 मई को कलेक्टर को मांग पत्र सौपकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।

दिग्विजय साहू का कहना है कि, ओपन जिम के नाम पर भी जनपद पंचायत ने 10 लाख की सामग्री खरीदना बताया गया है। जबकि खरीदी गई सामग्री दो लाख रूपये से भी कम की है। इस तरह अधिकारियों की मिली भगत से कुल 39 लाख रूपयों की लेखा प्रविष्ठि में जमकर धांधली की गई है। जिसकी निष्पक्ष जांच और सख्त कार्यवाही जरूरी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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