महासमुंद। काव्याश साहित्य एवं कला पथक संस्थान में एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया । जांबाज भूतपूर्व सैनिकों के मुख्यातिथ्य में काव्यांश परिवार द्वारा गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता की आरती के साथ किया गया। यह पहला कार्यक्रम है जिसमें तेरह भूतपूर्व सैनिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। भूतपूर्व सैनिकों के स्वागत में काव्यांश साहित्य एवं कला पथक संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष भागवत जगत भूमिल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारे देश में सन्त,सुधारक और बलिदानी को सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है।

काव्यांश देश के सजग पहरियों को नमन करता है। स्वागत सम्मान के पश्चात काव्यांश के कलाकारों ने देश भक्ति पूर्ण गीतों से शमा बांध दी। काव्यांश के संरक्षक संगीतकार-आचार्य बीआर साहू के मार्गदर्शन में स्वाति जगत के मधुर स्वर में - ये मेरे वतन के लोगों गीत प्रस्तुत कर सबकी आंखें नम कर दी । काव्यांश के सदस्य-जितेन्द्र कुमार सिंन्हा द्वारा प्रस्तुत -जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा और मेरे देश की धरती गीत ने लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मानिकपुरी के द्वारा प्रस्तुत- ये मेरे प्यारे वतन सबके दिलो को छू गया । काव्यांश के सचिव पुष्पलता भार्गव सुनंदा के द्वारा प्रस्तुत गीत नन्हा मुन्नाा राही हूं सबकी बचपन की यादें ताजा कर गई । काव्यांश की लोक गायिका रश्मि मानिकपुरी ने -अय वतन-वतन मेरे आबाद रहे तू लोगों में देश प्रेम की भावना भर दी । संस्थान के गायक सत्यभूषण नशीने ने होंठों पर सच्चाई रहती है गाकर मंत्रमुग्ध कर दिया । कार्यक्रम में भूतपूर्व सैनिकों में युवराज सिंह चन्द्राकर, मानिक साहू,कनक राम निषाद,प्रदीप चन्द्राकर, कन्हैया लाल सोनी, आरपी. साहू,प्रदीप चन्द्राकर (जल सेना),प्रेमनाथ दीवान, रविन्द्र नायक ,नंद किशोर सिन्हा, लक्ष्‌मीचंद ,पंकज चन्द्राकर और प्रेम लाल साहू उपस्थित थे । जबकि आयोजक वर्ग से उमेश भारती गोस्वामी मृदुल, आचार्य बीआर साहू (इंजीनियर), एस चन्द्रसेन, डा.साधना कसार, भागवत जगत भूमिल , सुरेन्द्रमानिकपुरी ,

जयराम पटेल पथिक, पुष्पलता भार्गव सुनंदा , टेकराम सेन चमक, धर्मेंद्र डडसेना,किसन लाल देवदास , द्रौपदी साहू सरसिज,पुष्पा गजपाल पीहू , भगोली राम साहू सुयश,दयाराम साहू सलिल, जितेंद्र चन्द्राकर ,साक्षी साहू सुरभि, जितेंद्र सिन्हा ,ज्योत्सना कन्नाौजे ज्योति ,नाना साहेब मानिकपुरी ,श्लेष चन्द्राकर श्रेष्ठ, राधेश्याम सोनी , जैनेन्द्र चन्द्राकर, राकेश यादव, स्वाति जगत , अनंदिता, आराध्या, मुरली पटेल एवं काव्यांश भूमिल विशेष रूप से उपस्थित थे ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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