बागबाहरा (नईदुनिया न्यूज)। मनरेगा योजना द्वारा ग्राम बकमा में चबूतरे का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। प्रारंभ करने से पहले कार्य स्थल में सूचना पटल लगाया जाता है, लेकिन विभाग द्वारा यहां निर्माण कार्य से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी गई है। इससे लोगों को

चबूतरे की लागत की जानकारी नहीं मिल पा रही है। वहीं विभाग के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे पंचायत द्वारा निर्माण कार्य में मनमानी किया जाना अधिकारी की जांच में सामने आया है।

यहां निर्माण कार्य में अनियमितता पाई गई है जो कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। बिना सरिया डाले यहां चबूतरा निर्माण कर दिया है। खास बात यह है इस भ्रष्टाचार की अनदेखी करते हुए तीन निर्मित चबूतरे का लोकेश्वरी दीवान तकनीकी सहायक ने मूल्यांकन तक कर दिया। वहीं वीणा मिलन साहू सरपंच द्वारा विभागीय निर्देशों व इस्टीमेट को दरकिनार करते हुए चबूतरा निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत बकमा द्वारा मनरेगा के तहत हो रहे चबूतरा निर्माण कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। पंचायत में मनेरगा का कार्य फर्जी तरीके से कराए जाने की शिकायत के बाद भी अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों के हौसले बुलंद हैं। सरपंच के राजनीतिक रसूख के चलते इस मामले में जनपद पंचायत बागबाहरा के जांच अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहें हैं। शिकायत के बाद जांच अधिकारी जांच करने बकमा पहुचे।

वहां पहुचने के बाद जांच टीम ने तीन में से सिर्फ एक चबूतरे की जांच पड़ताल की गई, जिसमे सरिया नहीं मिला, टीम ने तीन और चबूतरे की जांच न कर लौटना सही समझा। यहां अनियमितता की शिकायत के बाद चार सदस्यीय टीम का गठन हुआ जिसमें सादराम कुर्रे एसडीओ आरईएस, लखन लाल साहू करारोपण अधिकारी, एकलदेव निषाद एडीओ, सिद्धार्थ त्रिपाठी उप अभियंता आरईएस जांच करने बकमा पहुचे। इन्होंने शिकायत सही पाई।इस संबंध में सरपंच वीणा मिलन साहू से पक्ष जानने का प्रयास किया गया। मेसेज, काल का उन्होंने जवाब नहीं दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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