महासमुंद। नईदुनिया न्यूज।

स्वेच्छा से किया गया दान चाहे कैसा भी हो बेहतर दान होता है। दान का महत्व तो दुनिया के प्रत्येक धर्म और संस्कृति में प्रमुखता से उल्लेखित किया जाता रहा है और शास्त्रों में तो अन्न दान को महादान की श्रेणी में रखा गया है। इसका पालन करने वाले फल प्राप्ति की मंशा नहीं रखते। कोराना वायरस संक्रमण काल में भी निर्भय होकर कुछ ऐसे ही सेवा कर रहे हैं महासमुंद में। यहां अब तक 28 संदिग्ध प्रकरणों के बारे में पता होने के बावजूद विक्षिप्त, निराश्रित और जरूरतमंद लोगों की सेवा में पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग, स्वयंसेवी कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक जिले में इन दिनों तालाबंदी की स्थिति है। संक्रमण फैलने के भय के चलते बड़ी संख्या में मजदूरों सहित कुछ ऐसे स्थानीय निवासी भी एकाएक बेरोजगार होकर निराश्रित होते नजर आ रहे हैं जो जीवन के लिए दैनिक आहार की पूर्ति कर पाने में असमर्थ हैं। इस ओर पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग ने सराहनीय कदम उठाया है। विभाग के उप संचालक धर्मेंद्र साहू ने बताया कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जरूरतमंदों की समस्या को देखते हुए पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग से विश्रिप्त एवं निराश्रितों के लिए प्रतिदिन गर्म एवं पौष्टिक भोजन की मुफ्त व्यवस्था की जा रही है। गुरूवार 26 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं से संपर्क कर तत्काल सेवा के लिए घनश्याम सोनी, जैनेन्द्र चंद्राकर, अखिलेश लुनिया, आकाश प्रजापति, एवं प्रिंस चक्रधारी से शहर के अकाशिया होटल से लगी गली, त्रिमूर्ति कॉलोनी के आस-पास, बजरंग मंदिर के समीप व तहसील कार्यालय के पास दो जरूरतमंद महिलाओं सहित दो विक्षिप्त महिला व पुरुष एवं एक निराश्रित व्यक्ति को खाना खिलाने सहयोग लिया जा रहा है। स्वयंसेवकों ने इनका पहले साबुन से हाथ धुलवाया, बाद में गर्म व ताजा भोजन परोसा गया। स्वयंसेवकों ने बताया कि यद्यपि, जिले के राजधानी रायपुर से सटे होने के कारण अधिकांश जनता में संक्रमण के आतंक का भय बना हुआ है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह खतरा तो सभी के लिए है और ऐसे समय में हम सभी को मिलकर लड़ना है। भय के कारण किसी को जरूरत के समय छोड़ दिया जना न्यायसंगत नहीं है। इसलिए आपसी समन्वय से अपने नैतिक कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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