महासमुंद। चिंगरौद में दिन भर नदी से रेत खनन करने के बावजूद रात में भी अवैध रूप से रेत खनन किए जाने और ग्रामीणों के साथ मारपीट करने की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने गांव के युवाओं के साथ एसडीएम भागवत प्रसाद जायसवाल को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा है।

वहीं पालिका अध्यक्ष ने ग्रामीणों के साथ मारपीट की पुनरावृत्ति होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

ग्राम चिंगरौद के ओमप्रकाश निषाद, इंद्र कुमार साहू, ओमन दास, डिगेश्वर बघेल, राजेश, भोज राम निषाद, धर्मेंद्र यादव, महेंद्र पटेल, बसंत, टिकेश्वर आदि ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर से मुलाकात कर गांव में रेत खनन कार्य में लगे ठेकेदार और उनके गुर्गे द्वारा दिन में रेत खनन के अलावा रात भर अवैध रूप से बेतहाशा रेत खनन करने की जानकारी दी। गांव के युवाओं ने बताया कि रेत परिवहन में लगे हाईवा से मुख्य मार्ग और खेती किसानी के लिए जिन रास्तों आवागमन ग्रामीण करते हैं उन मार्गों को क्षतिग्रस्त हो रहा है। युवाओं ने बताया कि रेत ठेकेदार को रात में खनन न करने को कहा गया तो उनके कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों के साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। और ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। जिससे ग्रामीण भयभीत है। बाद पालिका अध्यक्ष चंद्राकर ने ग्रामीण और युवाओं के साथ अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर एसडीएम भागवत प्रसाद जायसवाल से मिलकर वास्तु स्थिति से अवगत कराया। एसडीएम जायसवाल ने कार्यवाही के लिए खनिज विभाग को निर्देशित किया। इस दौरान पालिका अध्यक्ष चंद्राकर ने रेत ठेकेदार पर कार्रवाई व ग्रामीणों के साथ मारपीट या अन्य किसी भी प्रकार घटना घटने होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस अवसर पर सभापति व पार्षद संदीप घोष एवं मुन्नाा देवार मौजूद थे।

बम्हनी में घायल बच्चे की नहीं ली सुधः पखवाड़े भर पहले रेत से भरे हाइवा से बम्हनी के कक्षा नौंवी का एक बच्चा घायल हो गया। उसके पैर की हड्डी टूट गई। समाजसेवी सौरभ चंद्राकर बच्चे के उपचार कराने में सहायता करने सामने आए, जबकि जिस हाइवा से बच्चा घायल हुआ उसके मालिक ने पीड़ित पक्ष को उपचार के लिए 50 हजार देने का वादा किया। पांच हजार शुरू में दिया भी। बाद से हाइवा मालिक गायब है। ग्रामीणों ने बताया कि हाइवा रायपुर के किसी विनोद अग्रवाल नामक व्यक्ति बच्चे के इलाज के लिए राशि नहीं दे रहा है। उधर निजी अस्पताल में भर्ती बच्चे के उपचार का बिल बढ़ गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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