महासमुंद। नगर पालिका परिषद में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें संपत्ति कर सहित सभी टैक्स के बड़े बकायदारों से वसूली के लिए कड़े फैसले लिए गए हैं। नगर पालिका के बड़े बकायदारों का टैक्स भुगतान के लिए 31 दिसंबर तक की मोहलत दी है।

अगर समय रहते टैक्स बकायदार समझौता नहीं किया तो नगर पालिका से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है। यहीं नहीं पालिका नल कनेक्शन काटने से लेकर तमाम सुविधाओं को बंद करने का निर्णय लिया है। नगर पालिका में आने वाले किसी भी नागरिक का काम टैक्स अदायगी की रसीद दिखाने पर ही होगा।

नगर पालिका अध्यक्ष सभाकक्ष में बुधवार को नपाध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें राजस्व विभाग के सभापति संदीप घोष, सीएमओ आशीष तिवारी, राजस्व प्रभारी दिलीप चंद्राकर सहित वार्ड मुहर्रिर इस बैठक में मौजूद थे।

नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने मुहर्रिर से सख्त लहजे में कहा कि संपत्ति कर, समेकित कर, बाजार साइड सहित जलकर वसूली में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अध्यक्ष चंद्राकर ने कहा पूरे 30 वार्डों के बकायदारों की सूची तैयार की जाए और उस सूची की एक प्रति वार्ड पार्षदों को दी जाए। जिससे पार्षदों को अपने वार्डों में बड़े बकायदारों की जानकारी रहे।

पालिका अध्यक्ष ने कहा नागरिकों को टैक्स रसीद के साथ इस बात की भी जानकारी दी जाए कि 31 दिसंबर अंतिम अवसर है। इसके बाद अधिक पेनाल्टी के साथ टैक्स की वसूली होगी। अगर समय रहते पालिका से समझौता के तहत अपने टैक्स का भुगतान करते हैं तो नगर पालिका की ओर से ऐसे कर दाताओं का सम्मान किया जाएगा।

अन्यथा की स्थिति में मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा। इस दौरान मुहर्रिरों ने टैक्स वसूली में आ रही परेशानी को बताया।

जिस पर चंद्राकर ने दो टूक कहा जो भी बड़े बकायदार हैं उन से मिलकर समझाएं और टैक्स भुगतान के लिए प्रेरित करें। इसके बाद भी लोग टैक्स का भुगतान करने में आनाकानी करते हैं तो उनके नाम को चौक-चौराहे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर न्यायालय में परिवाद पेश करें और तमाम सुविधाएं भी बंद कर दें।

इसके लिए कर दाता ही संपूर्ण जिम्मेदार होंगे। अंत में पालिका अध्यक्ष चंद्राकर ने कहा कि आज से ही नगर पालिका में किसी भी कार्य के लिए आने वाले सभी नागरिकों को टैक्स भुगतान की रसीद दिखाने पर ही राशन कार्ड, जन्म, मृत्यु के अलावा भवन अनुज्ञा, जाति सत्यापन आदि जैसे कार्य को किया जाए। नहीं तो रोक दिया जाए।

पालिका ने नाम सार्वजनिक करने की कभी हिम्मत नहीं जुटाई

बता दें कि समीक्षा बैठक में पालिकाध्यक्ष ने भले ही बड़े बकायादारों के नाम सार्वजनिक करने की बात कही है। यह बात पहली बार नहीं कही गई है, इससे पहले भी मौजूदा व पूर्व के अध्यक्षों ने भी यही बात कही, लेकिन आज तक पालिका ने बड़े बकायादारों के नाम सार्वजनिक चस्पा करना तो दूर, नाम सार्वजनिक करने की भी हिम्मत नहीं जुटाई। स्थिति यह है कि बड़े बकायादारों को पालिका की किसी भी कार्रवाई का भय नहीं है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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