पेंड्रा(नईदुनिया न्यूज)। छत्तीसगढ़ से एकमात्र गेंदबाज वासुदेव बरेठ का चयन छत्तीसगढ़ रणजी टीम के लिए हुआ है। इससे पूर्व एमआरएफ पेस फाउंडेशन चेन्न्ई में चयन हो चुका है

पेंड्रा में खेल प्रतिभाओं में एक नाम और जुड़ गया है। तेज गेंदबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए वासुदेव बरेठ का चयन रणजी ट्राफी के लिए छत्तीसगढ़ की टीम में हुआ है। इससे पहले एमआरएफ पेस फाउंडेशन चेन्न्ई में फुल टाइम ट्रेनिंग के लिए चयन हुआ था। उन्हें वहां पूर्व आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा के द्वारा ट्रेनिंग दिया था। उल्लेखनीय है कि पेंड्रा के विद्यानगर में रहने वाले वासुदेव बरेठ पिता अरुण कुमार बरेठ ने तेज गेंदबाजी से उत्कृष्ट प्रदर्शन करके क्रिकेट के चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। अंडर-19 कूच बिहार ट्राफी में वासुदेव बरेठ की धारदार गेंदबाजी के कारण ही छत्तीसगढ़ राज्य की टीम के रणजी ट्राफी में चयन हुआ है। उनकी गेंदबाजी से ही प्रभावित होकर उनका सिलेक्शन किया गया है। इससे पहले इसी वर्ष फरवरी मार्च से चेन्न्ई में उन्हें एमआरएफ पेस फाऊंडेशन में ट्रेनिंग दिया गया था।

चेन्न्ई में दो लोगों में उनका हुआ चयन: इस दौरान छत्तीसगढ़ से दो गेंदबाज वासुदेव बरेठ और मयंक यादव को ट्रायल के लिए चेन्न्ई बुलाया गया था जहां परफार्मेंस के आधार पर वासुदेव का सिलेक्शन हुआ था। वासुदेव का चयन फुल टाइम ट्रेनिंग के लिए किया गया था जहां फाउंडेशन में महान क्रिकेटर और तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने उन्हें बालिंग के गुर सिखाए। वासुदेव की इस कामयाबी पर पेंड्रा के खेल प्रेमियों और नागरिकों में हर्ष है।

वीनू माकंड ट्राफी में भी किया था उत्कृष्ट प्रदर्शन: वासुदेव ने छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से खेलते हुए वीनू मांकड ट्राफी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था इससे छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों को भरोसा था कि आने वाले समय में युवा निश्चित ही राज्य का नाम रोशन करेगा।

फीजिकल कालेज मैदान में की कड़ी प्रेक्टिस: पेंड्रा के फीजिकल कालेज मैदान में कड़ी मेहनत से वासुदेव ने क्रिकेट में तेज गेंदबाजी का हुनर सीखा। वासुदेव अपनी टीम के अन्य खिलाड़ी साथियों में सबसे होनहार खिलाड़ी है। उनकी बदौलत उनकी टीम स्थानीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही है। वासुदेव की गेंदबाजी देखकर दोनों पैर से दिव्यांग पिता अरुण कुमार बरेठ फूले नहीं समा रहे हैं। वे मल्टीपरपज स्कूल में व्याख्याता हैं वे अपनी ट्राई साइकिल से उनकी खेल देखने पहंुचते हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close