गौरेला। नईदुनिया न्यूज

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला में जरा सी बारिश होने से केंद्र के सामने ही गड्ढे में पानी भर जाता है। इससे उपचार कराने आए लोगों को परेशानी होती है। यही नहीं लंबे समय से जलजमाव से संक्रमक बीमारी का भी खतरा है। लोगों की समस्या को देखकर भी स्वास्थ्य अधिकारी केवल आश्वासन देते रहते हैं। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला और मातृ शिशु अस्पताल के पास शिशु वार्ड की ओर रास्ते में गड्ढे में बारिश का पानी जमा रहता है। इसकी जानकारी अधिकारी कर्मचारियों को है परंतु समस्या को दूर करने का प्रयास नहीं किया जाता है। कुछ दूरी पर पोषण पुर्नवास केंद्र भी है। गंदगी भी फेंक दी जाती है। वहीं मेटरनिटी विंग के पीछे भी वार्डों की गंदगी फेंकी जाती है, इससे मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। जबकि अस्पताल में प्रतिदिन की ओपीडी पर ही नजर डालें तो करीब चार से पांच सौ के करीब मरीजों के साथ परिजन आते हैं। जिन्हें इसी प्रकार की गंदगी को पार करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी शिशु ओपीडी में होती है। जहां गंदगी की भरमार है। उल्लेखीय है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला के पास ही एसडीएम कार्यालय है साथ अतिरिक्त कलेक्टर कार्यालय है। परेशान लोगों ने बताया कि पास ही स्वास्थ्य केंद्र में परेशानी होने के बाद भी अधिकारी निरीक्षण करने नहीं पहुंचते हैं।

कई बार शिकायत की गई

वार्ड क्रमांक पांच के पार्षद मंजू जायसवाल ने बताया कि अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर कई बार अधिकारियों को भी इस ओर ध्यान आकर्षित करना चाहा पर शायद शासकीय अस्पताल होने के कारण ध्यान नहीं दिया गया ।

बीमार हो जाते हैं लोग

वार्र्ड क्रमांक छह के अहफा नियाी ने बताया कि अस्पताल की हालत देखकर यह लगता है कि मरीज यहां ठीक होने आते हैं बल्कि अस्पताल के बाहर भरे गंदगी, मच्छरों के पनपने से और बीमार हो जाते हैं।

अधिकारी की उदासीनता

स्थानीय निवासी अनुपम गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्था को लेकर कई बार विधायक से लेकर अधिकारियों से मौखिक और लिखित शिकायत की गई लेकिन आज तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया ।

गड्ढे में गिरने से आई चोटें

स्थानीय निवासी इमरान अहमद ने भी बताया कि अस्पताल के सामने भरे मरीज के परिजन के गड्ढे में गिरने से चोटें आ गई थी इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

वे स्वयं अस्पताल जाकर निरीक्षण करेंगे। अगर ऐसा है तो जल्दी से जल्दी ठीक कराने का प्रयास करेंगे।

- मनोज केशरिया ,एसडीएम गौरेला