मुंगेली(नईदुनिया न्यूज)। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व नगर सहित जिले में हर्षोल्लस के साथ मनाया गया। श्रीराम, लक्ष्मण की झांकी निकालकर अहंकार के पुतले रावण का दहन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे।

नगर में वैसे तो कई स्थानों पर रावण के छोटे-बड़े पुतले का दहन किया गया। लेकिन मुख्य समारोह वीर शहीद धनजंय सिंह परिहार स्टेडियम बीआर साव मैदान में दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारी व नगरपालिका परिषद के द्वारा 60 फीट रावण के पुतला जलाया गया। इससे पूर्व पूजा पाठ की गई। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित होकर रावण दहन देखने पहुंचे। दहन से पूर्व आतिशबाजी की गई। रावण के पुतले के आसपास बेरिकेड्स लगाकर घेराबंदी की गई रोशनी के लिए मैदान के चारों कोने में टावर लगाए गए थे, इसमें लाइटिंग की गई। इसके अलावा बच्चे भी अपने-अपने मोहल्लों में रावण का पुतला बनाकर दहन किए। इस अवसर पर गायक कलाकार शिवकुमार तिवारी ने प्रस्तुति दी जिसका लोगों ने लुत्फ उठाया। दशहरा उत्सव कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। दशहरा उत्सव समिति एवं नगर पालिका के अध्यक्ष हेमेंद्र गोस्वामी पार्षदगण एवं कांग्रेस, भाजपा के वपदाधिकारी तथा दर्शकगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर पुलिस विभाग के द्वारा शस्त्र की पूजा किया गया।

मिट्टी के रावण को लाठी से मारने की परंपरा:- दशहरा पर्व के दौरान पेंडाराकापा के मालगुजार गोर्वधन परिवार के द्वारा मिट्ठी के रावण तैयार कर यादवों के द्वारा लाठी से पीट पीट कर वध करने की परंपरा निभाई गई। मैदान में परिवार के द्वारा पांच फीट के मिट्टी के रावण बनाकर लाठी से वध करने के पश्चात् इसके मिट्टी के टुकडे को अनाज के कोठी में रखा जाता है। तथा क्षेत्र के किसानों की खुशहाली के लिए कामना की जाती हैं।

कंतेली में मेला तो लगता है पर जलाने की परंपरा नहीं - दस किलोमिटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत कंतेली में 16 वीं सदी से चली आ रही है एक अनोखी परंपरा है। यहां राजा की सवारी निकलती है लेकिन रावण का दहन नहीं होता परंतु 44 गावों से ग्रामीण एकत्रित होते हैं।

असत्य पर सत्य की जीत का पर्व : रश्मि

तखतपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए पर्व जाना जाता है, इस पर्व पर सभ्ाी लोगों को एक प्रण करना चाहिए जैसे ही रावण दहन किया जाता है दहन में आग की लपटे रहती है उस लपटों में अपनी पुरी बुराई को छोड़ दिया जाने का संकल्प लेना चाहिए। इस त्यौहार में सीख लेकर राम जी के आदर्श्ाों को अपनाकर रावण जैसे अंकहारों की त्याग कर देना चाहिए। उक्त बातें बक्सर राजपूत क्षत्रिय समाज द्धारा नगर के सांस्कृतिक भ्ावन मैदान में रावण दहन का कार्यक्रम में संसदीय सचिव रश्मि सिंह ठाकुर ने कही। नगर में विजयादश्ामी पर्व हर्ष्ाोल्लास के साथ मनाया गया लोग जगह-जगह रावण बनाकर पूजा अर्चना के बाद दहन कर खुश्ाियां मनाते रहे। सभ्ाी घ्ारांे में पूजा अर्चना के बाद बड़े बुजुर्गों से आश्ाीर्वाद लिए। वहीं लोगों ने सगे संबधि लोगों के घरों में जाकर भ्ोंट किए। वहीं नगर के रावण भ्ााठा में प्रतिवषर््ा की भ्ाांति इस वषर््ा भ्ाी गुप्ता समाज की ओर से रावण दहन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि कांग्रेस के नेता आशीष्ा सिंह ठाकुर रहे। इस अवसर पर रापजूत क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष अयोध्या सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक जगजीत सिंह मक्कड़, अश्ाोकसिंह ठाकुर, बिलासपुर जिला पंचायत के सदस्य जितेंद्र पांडेय, ईश्वर देवांगन, बाला ठाकुर, कुलदीप सिंह क्षत्री, मुन्न्ा श्रीवास, हरविद्रर सिंह हूरा, कृष्ण कुमार साहू, राजेश सोनी, विक्रम सिंह, टेकचंद कारड़ा, , किश्ान सचदेव, अनिल ठाकुर, गरीबा यादव सहित अन्य लोग उपस्थ्ाित रहे। इसी प्रकार से ग्राम खजुरी नवागांव व जरौंध्ाा में रावण का पुतला दहन एवं महामाया विकास समिति द्वारा झांकी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिध्ाि एवं पूर्व सरपंच संघ अध्यक्ष धनंजय सिंह क्षत्रिय रहे। कार्यक्रम का अध्यक्ष रामचरण वस्त्रकार, विश्र्वनाथ यादव, क्रांति गोस्वामी रहे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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