गौरेला/पेंड्रा/ दानीकंुडी (नईदुनिया न्यूज)। जिले में लगातार हो रही बारिश ने लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। 24 घंटे की बारिश से नदी नाले उफान पर है। दो लोगों को रेस्क्यू कर बचाया गया है, एक नाले में बहा गया है उसकी तलाश की जा रही है। कई डेम और नदियों में उफान से लोगों के घरों में पानी घुस गया है।

कोटमी, मटियाडांड़, दानीकुंडी, बंशीताल, करगी कला, कुम्हारी व मरवाही के अन्य ग्रामों में नदी से लगे खेतों में पानी भर जाने से फसल नुकसान की आशंका जताई जा रही है। साथ ही डेमों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा।

सोन नदी पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। पुलिस प्रसाशन द्वारा बैरिकेडिंग कर पुलिस निगरानी रख रही है। बंशीताल सोन घाट शिव मंदिर के 70 वर्षीय पुजारी बोधन सिंह श्याम को रेस्कयू कर निकाला गया। इसी प्रकार से सचराटोला में तीन वर्षीय गायत्री सिंह पिता सूरज सिंह को भी रेस्क्यू कर निकाला गया। लरकेनी व करसीवा के बीच हथकड़ी नाले को पार करने के दौरान लरकेनी के 55 वर्षीय बंधन सिंह बंधु नाले में बह गए उसकी तलाश की जा रही है। अचानक नदी में जलस्तर बढ़ने से लोगों को संभलने का मौका नहीं मिल सका, जो जहां थे वहीं रह गए। इसी कारण से बंशीताल सोन घाट शिव मंदिर निवासी 70 वर्षीय पुजारी बोधन सिंह श्याम मंदिर में फंस गया। इसकी जानकारी पुलिस को होने पर पुलिस प्रसाशन ने बोल बम समिति के गणेश,सुरेंद्र,फूलसिंह व अन्य युवाओं ने ट्यूब की मदद से निकाला। इसी प्रकार से सचराटोला निवासी तीन वर्षीय गायत्री सिंह पिता सूरज सिंह को मरवाही थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह की निगरानी में बोल बम समिति बंशीताल के युवाओं की मदद से रेस्क्यू कर निकाला गया। सुबह ही लरकेनी और करसीवा के बीच हथकड़ी नाले को पार करने के दौरान लरकेनी निवासी 55 वर्षीय बंधनसिंह बंधु नाले में बह गए। इसकी जानकारी पुलिस को दी गइ। पुलिस और प्रसाशनिक अधिकारी की निगरानी में लगातार ही बंधन सिंह की तलाश की जा रही है। देर शाम तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। बाढ़ के संबंध में गांव के बुजुर्गों ने बताया कि सोन नदी में भारी बाढ़ व जलस्तर कई दशकों बाद दिखा है।

बिलासपुर और कोरबा मार्ग में आवागमन बाधित

गौरेला सहित जिले में बारह घंटे में 18.33 सेमी की बारिश हुई। इससे बिलासपुर और कोरबा की सभी मार्गों की पुल पुलिया डूब गए। इसके कारण दिन भर आवागमन बाधित रहा। रेलमार्ग के पुल के नीचे बहाव में बस और ट्रेक्टर डूबे। गौरेला के आसपास के सभी गांवों में पुलिया से पानी उफनाने के कारण आवागमन अवरुद्घ हो गया है। प्रायः सभी सड़क मार्ग बंद है। लगभग सात इंच हुई बारिश से कधो मकान गिरने की स्थिति में है। पेंड्रारोड सारबहरा रेलमार्ग में कल्याणिका पब्लिक स्कूल के समीप रेल पुल के नीचे तेज बहाव में मंडला से पेंड्रारोड आ रही बस फंस गई और लगभग आधी बस डूब गई। इसके आगे एक ट्रैक्टर डूब गया। बस के सभी यात्री और चालक परिचालक सुरक्षित निकाल लिए गए। खोडरी में 11केवी के खंभे झुक गए और तार टूटने की जानकारी मिल है। विद्युत प्रवाह बंद करा दिया गया है। भारी बारिश से अरपा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। एक शासकीय शिक्षक मो. शुवेब ने बताया कि उन्हें केंदा के पास से वापस लौटना पड़ा। पेंड्रारोड से बिलासपुर जाना था किंतु सभी छोटे बड़े पुलों में पानी चलने वापस हुए। बहुत कठिनाई से पेंड्रारोड पहुंचे हैं। बीच में कई स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गई हैं। जिला में इस वर्ष चालू मानसून वर्ष में एक जून 2021 से अब तक 3773.9 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। एक जून 2021 से अब तक जिले में कुल 1257.96 मिमी औसत बारिश हुई। जिले के सभी तहसीलों में 416.5 मिमी एवं औसतन 138.83 मिमी बारिश हुई है। सर्वाधिक वर्षा पेंड्रारोड तहसील में 183.3 मिमी रिकार्ड की गई। अब तक हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार सर्वाधिक वर्षा मरवाही में हुई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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