मुंगेली। नईदुनिया न्यूज

जिला मुख्यालय में लाखों रुपए खर्च कर तकनीकी शिक्षा दिलाने के नाम पर आइटीआइ की स्थापना की गई है किंतु कई वर्ष गुजर जाने के बाद भी प्रशिक्षण केन्द्र में संसाधनों की उपलब्धता पूर्ण नहीं हो पायी है। प्रशिक्षकों एवं संसाधनों की कमी का खामियाजा छात्र भुगत रहे है। आइटीआइ भवन में ही पॉलीटेक्निक कालेज का संचालन किया जा रहा है।

जिले में तकनीकी ज्ञान देने के उद्देश्य से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गई। पूर्व में दाउपारा स्थित सतनाम भवन में संचालित की जा रही थी। लाखों रुपए खर्च कर प्रशासन द्वारा जमकोर के पास भव्य बिल्डिंग का निर्माण किया गया। किंतु संसाधनों की कमी एवं पर्याप्त स्टॉफ नहीं होने के कारण यह जिले में तकनीकी ज्ञान शिक्षा देने के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। अपर्याप्त संसाधन एवं प्रयोगशाला में उपलब्ध होने वाले सामाग्रियों की कमी ही दर्शाती है कि यहां अध्ययनरत्‌ बधाों का भविष्य क्या हो सकता है। प्रभारी के भरोसे चल रहे संस्थान में स्टॉफ के साथ-साथ आवश्यक संसाधन की अनुपलब्धता के चलते कबाड़ बनते जा रहा है। शिक्षा के विभिन्न आयामों के तहत शिक्षा की विभिन्न प्रणालियों की व्यवस्था उपलब्ध कराते हुए प्रतिस्पर्धा में जिले को स्थान दिलाने के लिए शासन द्वारा विभिन्न महाविद्यालय में बहुमुखी शिक्षा की व्यवस्था की गई है। जिले में शिक्षा का स्तर बनाये रखने के लिए शासन द्वारा तकनीकी शिक्षा देने के उदेश्य से आइटीआइ एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना की गई थी। किन्तु दोनों तकनीकी महाविद्यालय में सेटअप एवं संसाधनों की कमी के चलते यह तकनीकी शिक्षा छात्रों को अपेक्षित लाभ दिलाने की जगह कागजों में ही सिमट कर संचालित हो रही है। छात्रों को इसका वास्तविक लाभ नही मिल पा रहा है। आइटीआइ में तीन ट्रेड तथा पॉलिटेक्निक में भी तीन ट्रेड प्रारंभ किए गए। आइटीआइ भवन में ही पॉलिटेक्निक महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। लंबे समय बीत जाने के बाद दोनों महाविद्यालय अपने उद्देश्य में सफल साबित नही हो पा रहे हैं। योजनाओं को ठीक ढ़ंग से क्रियान्वयन नहीं करने पर अधिकांश योजनाएं कागजों पर ही है। जिले में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आइटीआइ में सेटअप के अनुसार 36 स्टॉफ का प्रावधान है किन्तु वर्तमान में दर्जन भर से कम स्टाफ से काम चलाया जा रहा है। आइटीआइ में तीन ट्रेड है। वर्ष 2013 से प्रारंभ पॉलिटेक्निक महाविद्यालय उधार के भवन में है। अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते जिले में शिक्षा का स्तर अपेक्षित रूप से सुदृढ़ नहीं है। यही कारण है कि छात्र-छात्राएं निजी संस्थानों में अधिक पैसे खर्च कर अध्ययन करना उपयुक्त समझते हैं।

जमकोर में संचालित पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं आईटीआई में शिक्षकों एवं संसाधनों की कमी के बारे में शासन को अवगत कराकर समस्याओं के निदान के प्रयास किए जाएंगे।

-डॉ. एसएन भुरे, कलेक्टर