पेंड्रा। नईदुनिया न्यूज

पेंड्रा नगर पंचायत से मरवाही जाने के लिए बीस गांव के लोग जान हथेली में रखकर सोन नदी के ऊपर निर्मित जर्जर पुलिया पार करते हैं। इसकी जानकारी लोक निर्माण विभाग को है अधिकारियों का कहना है राशि स्वीकृत नहीं होने से निर्माण कार्य नहीं हो सका है।

उल्लेखनीय है कि लगभग बीस से ज्यादा गांवों को मरवाही ब्लाक मुख्यालय से जोड़ने के लिए आज से 25 वर्ष पूर्व शासन के द्वारा सोन नदी पर पुल का निर्माण किया गया ताकि मरवाही पेंड्रा के बीच मे निर्मित पुल का उपयोग करके आसपास के बीस से ज्यादा गांव जैसे बरगवां, सचरा टोला, भर्रीड़ाड, पिपरडोल, धनपुर, धोबहर, सिलपहरी, अ़ंडी सहित कई गांव के ग्रामीण सरलतापूर्वक कम दूरी तय कर मरवाही एवं पेंड्रा मुख्यालय आ जा सके। बीते डेढ़ बरस से यह पुलिया पूर्ण रूप से जर्जर हो गई है यही नहीं पुलिया के उफर एक पीलर से खिसक जाने से खतरनाक हो गई है। इस दिशा में कई बार ग्रामीणों ने अधिकारियों को और अपने क्षेत्र के विधायक को भी क्षतिग्रस्त पुलिया के निर्माण के लिए कहा गया पर आजपर्यंत किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इन डेढ़ बरस में शासन की ओर से पुलिया क्षतिग्रस्त है की बोर्ड लगा दी गई है। इस पुलिस से छोटी बड़ी सभी वाहन पार करती है। सुबह से शाम तक इस मार्ग में लोगों का आना जाना लगा रहता है।

शिकायत का असर नहीं

ग्राम सचराटोला के सरपंच सहस राम ने बताया कि काफी समय से उक्त पुलिया के नीचे बैठ जाने से कई बार इसकी शिकायत आला अधिकारियों से तत्कालीन विधायक को जन समस्या निवारण शिविर में इसकी शिकायत की गई लेकिन आज तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।

पुलिया से 15 किमी की बचत

ग्राम करगी निवासी विशाल रेवती ने बताया कि आसपास के गांवों के लिए पेंड्रा, मरवाही आने-जाने में 15 किलोमीटर का फर्क पड़ता है। वहीं पुलिया क्षतिग्रस्त है यदि जल्दी ही कोई ध्यान नहीं दिया गया तो किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

पुलिया की उपेक्षा की जा रही

भर्रीड़ांड निवासी अजय राय ने बताया कि पुलिया बने 25 बरस हो गया है। निर्माण के बाद इस सड़क को प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के लिए दे दिया गया है और दुर्भाग्य है कि एक भी प्रधानमंत्री सड़क की आफिस इस क्षेत्र में नहीं है। ऐसी स्थिति में कहां जाएं यह समझ नहीं आता है। अगर जल्दी ही इसका निर्माण नहीं किया गया तो कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

हो सकती है ब़ड़ी दुर्घटना

धोबहर निवासी आशीष पांडेय ने बताया कि धीर-धीरे पुलिया नीचे बैठते जा रही है। बीच पुलिया में इसे देखा जा सकता है। जल्दी ही अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देंगे तो कोई नकोई ब़ड़ी दुर्घटना हो सकती है। सरकार को जल्दी से जल्दी इस ओर ध्यान देना चाहिए।

राशि स्वीकृत कराया जाएगा

मरवाही ब्लॉक अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि डेढ़ बरस से ज्यादा समय हो गया है इस पुलिया को क्षतिग्रस्त हुए। जल्दी ही अधिकारियों के द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को देखकर राशि को स्वीकृत कराया जाएगा ताकि जल्दी से जल्दी क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण कराया जा सके।

मार्ग बनने से पहले ही इस पुलिया का निर्माण हो चुका था। चूंकि हमारी सड़क में यह पुलिया आती है इसलिए दो करोड़ 53 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है जैसे ही स्वीकृति मिलेगी कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

वरुणसिंह राजपूत, कार्यपालन यंत्री, प्रधानमंत्री सड़क योजना

Posted By: Nai Dunia News Network

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