तखतपुर/मुंगेली। नईदुनिया न्यूज

देवउठनी एकादशी के अवसर पर घरों के आंगन में गन्ने का मंडप बनाकर तुलसी एवं शालिग्राम का विवाह रचाया गया। इस अवसर पर पूजा अर्चना के बाद आतिशबाजी भी किए।

कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी आठ नवंबर को देवउठनी एकादशी मनाई गई। शास्त्रों के अनुसार इस दिन से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। देवउठनी के दिन भगवान विष्णु और तुलसी मैया का विवाह का विधान है इसके लिए गन्ने का मंडप बनाकर विधि विधान से पूजा पाठ किया गया। प्रबोधिनी एकादशी पर तुलसी चौरा के पास शालिग्राम की मूर्ति रखकर गन्ने का मंडप बनाया गया और तुलसी विवाह संपन्न किया गया। पूजा पाठ के बाद घरों में दीपक जलाए गए। दीपावली के के ग्यारहवें दिन मनाये जाने वाले इस पर्व को छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है।

Posted By: Nai Dunia News Network