पेंड्रा(नईदुनिया न्यूज)। गौरेला-पेंड्रा मरवाही में जिले बनने से पहले 12 केंद्रों में धान खरीदी होती थी। इसमें गौरेला चार पेंड्रा ब्लाक में चार और मरवाही चार वहीं जिले में मरवाही में एक नया केंद्र तेंदुमुड़ा और गौरेला ब्लाक के धनौली, तराई गांव और बस्ती बगरा सहित चार नए उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में समर्थन मूल्य में धान की खरीदी की जाएगी। इसकी तैयारी सभी केंद्रों में शुरू हो गई है। जिले भर में 14771 किसानों ने पंजीयन कराया है

गौरेला- पेंड्रा- मरवाही जिले में 16 केंद्रों से शासन के द्वारा समर्थन मूल्य में धान खरीदी की जाएगी। इससे जिले के किसानों को अपने धान को बेचने के लिए अब ज्यादा दूर तय नहीं करना पड़ेगा। वहीं कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए एवं किसानों की सुविधाओं को देखते हुए शासन प्रशासन के द्वारा जिले में चार नए उपार्जन केंद्र में खरीदी की जाएगी। एक दिसबंर से इन केंद्रों में धान की खरीदी होगी। जिले भर में 14771 किसानों ने समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। शासन से निर्देश मिलते ही सभी धान खरीदी केंद्रों में तैयारियां चल रही हैैं। इस संबंध में कलेक्टर डोमन सिंह ने बताया कि एक दिसबंर से धान खरीदी के लिए प्रशासन स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है अंतर राज्यीय सीमाओं को सील कर दिया गया है। सीमा में कड़ी चौकसी बरती जा रही है। खरीदी के दौरान दूसरे राज्यों से धान का परिवहन नहीं हो इसके लिए शासन प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली है। खैरझिटी, मरवाही के पास भेड़वा नाला और अमरकंटक की सीमा के पास भी चेक पोस्ट बनाया जाएगा। बिचौलियों पर यदि दूसरे राज्यों से धान लाते पाए गए तो कड़ी कार्रवाई होगी एवं कोरोना वायरस संक्रमण एवं किसानों की सुविधा को देखते चार नए केंद्र बनाए गए हैं।

नेवरा में गुणवत्ताहीन धान चबूतरों का निर्माण, शिकायत

तखतपुर(नईदुनिया न्यूज)। जनपद पंचायत अंर्तगत अनेक पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत धान खरीदी केंद्रों में चबूतरा निर्माण का कार्य स्वीकृत किया गया है। इसकानिर्माण कार्य चल रहा है। सभी स्वीकृत चबूतरा निर्माण कार्यों को धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व ही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इन दिनों सरपंच एवं अधिकारी कर्मचारी चबूतरा निर्माण को लेकर जुटे हुए हैं लेकिन निर्माण के साथ इसमें गुणवत्ता को लेकर शिकायतें शुरू हो गई है। ग्राम नेवरा में धान खरीदी केंद्र में चबूतरा निर्माण कराया जा रहा है। जहा पंचायत द्वारा चबूतरे के सतह पर रेत के स्थान पर मिट्टी व मुरूम भरा जा रहा है। इस संबंध में जब ग्रामीणों ने चबूतरा निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत अधिकारियों से की गई तो आनन-फानन में संबंधित ग्राम पंचायत के तकनीकी सहायक मौके पर पहुंच कर चबूतरे के सतह पर भरे गए मिट्टी व मुरूम को निकलवाने के लिए सरपंच को बोला गया। ग्रामीणों ने बताया चबूतरा निर्माण में अनिमितता केवल नेवरा की ही बात नहीं है। अधिकांश पंचायतों में यही हाल है जहां रेत की जगह मिट्टी मुरूम का उपयोग किया जा रहा है। क्योंकि मनरेगा योजना के तहत चबूतरा निर्माण होने से अधिकांश निर्माण में ठेकेदारी से होन कारण जमकर अनिमितता बरती जा रही है। इस संबंध में अधिकारियों से शिकायत करने पर सुधार होने की बात कही जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस