पेंड्रा। नईदुनिया न्यूज

पेंड्रा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पतगवां में आजादी के बाद एक बार सड़क निर्माण के बाद अधिकारी भूल गए हैं। हालत है कि कीचड़ में होकर बड़ी संख्या में लोग आते जाते हैं। लोगों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की है इसके बाद उनकी समस्या दूर नहीं हुई है। इसे लेकर उनमें आक्रोश व्याप्त है।

उल्लेखनीय है कि 4500 की आबादी युक्त पेंड्रा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत पतगवा नगर पंचायत क्षेत्र से मात्र तीन किमी दूर है। पहुंच मार्ग की हालत इस कदर खराब है कि लोगों को आने जाने में परेशानी होती है। पतगवां में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क जर्जर है। उन्होंने बताया लगभग 17 बरस पूर्व सड़क का निर्माण किया गया था इसके बाद से आजपर्यंत शासन प्रशासन की नजर उक्त मार्ग पर नहीं पड़ी है। यह मरवाही विधानसभा के अंतर्गत है। कई बार उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इस मार्ग को बनवाने के लिए संबंधित विभाग को और तात्कालीन विधायक को लिखित एवं मौखिक शिकायत की पर आज तक न तो मरवाही विधायक ने ओर ना ही संबंधित विभाग ने ध्यान नहंी दिया। इसे लेकर उनमें आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा लंबे समय के बाद निर्माण नहीं होने से लोग परेशान हैं। सड़क पूरी तरह से गायब है कीचड़ में होकर लोग आते जाते हैं। सूखे के दिन में जहां धूल से परेशान रहते हैं वहीं बारिश के दिन में इस मार्ग में चलना कठिन हो जाता है।

पैदल चलना मुश्किल

कांग्रेस नेता नवल लहरे ने बताया कि सड़क की हालत बहुत ही खराब है। बारिश में तो पैदल चलना मुश्किल होता है। अक्सर दुर्घटना का डर बना रहता है कई बार इस मार्ग को निर्माण करने के लिए आवेदन दिया पर किसी ने आज तक इस जर्जर मार्ग की सुध नहीं ली है।

कई बार लिखित शिकायत

पतगवां निवासी जनपद सदस्य सरोजनी लहरे ने बताया कि मार्ग की हालत अत्यंत जर्जर है। कई बार लिखित शिकायत की गई है परंतु आज तक कभी मरवाही विधायक ने इस सड़क की मरम्मत के लिए मन नहीं बनाया और ना ही शासन को अवगत कराया। पेंड्रा के करीब होने के बाद उपेक्षित पंचायत है।

अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया

भाजपा नेता निर्मल यादव ने बताया कि बरसों से सड़क की हालत जर्जर है। पतगवां के लोग इसी सड़क का उपयोग पेंड्रा आने जाने के लिए करते हैं। कई बार इसकी शिकायत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के अधिकारियों को की गई परंतु विधायक और अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।

बड़े-बड़े गड्ढे हो गए

पतगवां निवासी गणेश कश्यप ने बताया कि अक्सर इस मार्ग में दो पहिया वाहनों का आना जाना लगा रहता है। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जनपद सदस्य एवं सरपंच द्वारा प्रतिवर्ष ग्राम पंचायत मद से रिपेरिंग करवाकर चलने लायक बनाया जाता है पर जब तक पूरी तरह से सड़क का निर्माण नहीं होगा इस तरह की समस्याएं बनी रहेगी और लोग परेशान रहेंगे।

वर्ष 2019 की कार्ययोजना में स्टीमेट स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। स्वीकृत होने के साथ ही माह के अंत तक सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

-वरुण सिंह राजपूत, कार्य पालन यंत्री, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क