लोरमी। राजपूत युवा मोर्चा द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों को समाज के कल्याणकारी कार्यों में जुड़कर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुरारीसिंह राजपूत , गिरवरसिंह राजपूत, टीआर राजपूत ने मां सरस्वती की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। सभी शिक्षकों ने अपने अनुभव को बांटे। गिरवर सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज का और राष्ट्र का नींव होते हैं। मानस प्रवक्ता मुरारीसिंह राजपूत ने कहा कि आधुनिक शिक्षा हमें संस्कार विहीन बना रहा है। शिक्षा में नैतिकता संस्कार परोपकार की भावना होनी चाहिए। राजपूत युवा मोर्चा के अध्यक्ष संजय सिंह राजपूत ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से प्राचीन कुप्रथाओं , आडंबर ,पाखंड को दूर कर समाज में नवीनता का संचार करना होगा। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक मुरारी सिंह, टीआर राजपूत, सुभाष सिंह, कृष्णा सिंह, जगेंद्र सिंह, भगत सिंह, प्रह्लाद सिंह, हरिसिंह जयजय राम राजपूत , सुंदरसिंह, गिरवर सिंह, बलराम सिंह, अयोध्या सिंह, रिखीराम सिंह, रूपसिंह भगवान सिंह, कुलदीप सिंह, श्याम लाल सिंह, योगेश सिंह और शिक्षिका में अनीता सिंह, नंदिनी सिंह,कुसुम लता सिंह को प्रशस्ति पत्र, श्रीफल और पेन देकर सम्मानित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के डॉ.ओमकार सिंह चंदेल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन काल से भारत वर्ष में गुरुओं को पूज्य माना गया है। गुरुकुल परंपरा संसार की सबसे समृद्घ परंपराओं में से एक है। कार्यक्रम में हरिहर सिंह, इंद्र कुमार चंदेल, गणेश सिंह , बलराम सिंह, राधेश्याम सिंह आदि लोग कार्यक्रम को संबोधित किए। कार्यक्रम में राजपूत शिक्षण समिति के अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, महाराणा स्कूल के एनएसएस प्रभारी कमल सिंह राजपूत, दशरथ सिंह राजपूत , जगन्नाथ सिंह राजपूत ,लखन सिंह राजपूत, श्याम सिंह राजपूत , नारायण सिंह राजपूत , पूनमसिंह राजपूत हुबेलाल सिंह,अनीता सिंह और भूपेंद्र सिंह, गनेश सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में विनोद सिंह, महावीर सिंह, सतीश सिंह, अनिल सिंह, कृष्णचंद्र सिंह, प्रीतम सिंह , धर्मेंद्र सिंह, गणेश सिंह, विजय सिंह, गोपाल सिंह, बलराज सिंह, सालिक सिंह, जितेन सिंह, नरोत्तम सिंह, बाल्मीकि सिंह, हृदय सिंह, रोशन सिंह, युगल सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।