लोरमी। नईदुनिया न्यूज

समावेशी शिक्षा वातावरण निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंग्रेजी व हिंदी वर्णमाला से संबंधित जानकारी शिक्षकों को दी गई।

समावेशी शिक्षा प्रभारी लक्ष्मी चौधरी ने बताया कि इस प्रशिक्षण में दिव्यांग बधाों की शिक्षा सांकेतिक भाषा में कैसे हो, इस पर मास्टर ट्रेनरों के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इसका लाभ पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के कुल 36 शिक्षकों को मिला। चार दिवसीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण की शुरुआत प्रथम दिन शासकीय उधातर माध्यमिक विद्यालय लोरमी के प्राचार्य राजेंद्र तिवारी के उद्बोधन के साथ किया गया। जिला स्तरीय अधिकारी एपीसी अशोक कश्यप ने इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराते हुए दिव्यांग छात्रों के पालकों तक हर जानकारी पहुंचाने की बात कही। वहीं बीआरसी अशोक यादव ने इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को महत्वपूर्ण टिप्स दिए। समावेशी शिक्षा प्रभारी चौधरी ने अंग्रेजी वर्णमाला ज्ञान, अंक ज्ञान, हिंदी स्वर व्यंजन, ब्रेल लिपि आदि का ज्ञान मास्टर ट्रेनरों के साथ संयुक्त रूप से प्रदान किए। प्रशिक्षण सांकेतिक भाषा में ही गीत प्रस्तुतिकरण और कहानी आदि का अभ्यास कराया गया। वहीं प्रतिदिन सत्र का विश्राम भी सांकेतिक भाषा के गीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान समाज कल्याण विभाग से दिव्यांग छात्रों को मिलने वाले लाभों के बारे में भी बताया गया। दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शासन स्तर से क्या-क्या लाभ प्राप्त हो सकता है इसके बारे में भी प्रशिक्षकों को विस्तार पूर्वक बताया गया। कार्यक्रम में छल देवी नवरंग, अंजलि वैष्णव, रेखा सोनी, आनंद दास मानिकपुरी, सुभाषिनी राजपूत, नमिता खत्री, कृष्ण तिवारी, सूरज तिवारी, हरे राम साहू, राजेंद्र सेंद्राम,संतोष साहू, उमेश पांडेय, रामकुमार साहू, परमेश वैष्णव, महेश गुप्ता, हेमंत सिंह राजपूत, विवेकानंद सिंह राजपूत,विजय नेताम, सुषमा पांडेय सहित अन्य शिक्षकों ने भागीदारी निभाई। उक्त जानकारी शरद कुमार डडसेना नहीं दी।