मरवाही। नईदुनिया न्यूज

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं पेंड्रा मरवाही के जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला ने तृतीय समयमान, वेतनमान में वेतन निर्धारण के बाद एक जनवरी 16 से लागू हुए सातवें वेतनमान में विकल्प लेने का प्रावधान करने का मांग राज्य शासन से किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य के सिविल सेवा के सदस्यों को तृतीय समयमान वेतन स्वीकृत करने का आदेश जारी किया था। छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 ,सातवें वेतनमान का अधिसूचना जारी हुआ था,जो कि एक जनवरी 2016 से प्रभावशील है। उनका कहना है कि सातवें वेतनमान के विकल्प लेने के प्रपत्र में यदि तृतीय समयमान वेतन स्वीकृति तिथि से लेने का विकल्प का अवसर मिलता है,तो वेतन निर्धारण में आर्थिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने बताया कि तृतीय समयमान वेतनमान को एक जनवर 2016 से लागू करने पिछले सरकार के आदेश से कर्मचारी- अधिकारियों के वेतन में मामूली वृद्घि हुआ है। उनका कहना है कि पिछले सरकार ने योजनाबद्घ तरीके से तृतीय समयमान वेतन का देय तिथि एक जनवरी 2016 किया था। यदि छठवें वेतनमान की स्थिति में इसे लागू किया जाता तो पे- बैंड में वेतन का तीन फिसदी ग्रेड पे के साथ जुड़कर 2.57 के गुणा के बाद प्राप्त वेतन को अनुसूची एक में विनिर्दिष्ट वेतन मैट्रिक्स के प्रयोज्य लेबल में अधिक लाभदायक में निर्धारित होता है। उन्होंने वर्तमान सरकार से पिछले सरकार के कर्मचारी विरोधी निर्णय को सुधारने का मांग किया है कि तृतीय समयमान वेतनमान में वेतन निर्धारण के बाद,सातवें वेतनमान में वेतन निर्धारण का विकल्प लेने का प्रावधान करने राज्य शासन कर्मचारी हित में आदेश जारी करे।