नारायणपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ऑपरेशन मानसून में शनिवार को डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों को बड़ी सफलता मिली। ओरछा थाने से 20 किलोमीटर भीतर नक्सलियों के सुरक्षित जोन अबूझमाड़ के धुरबेड़ा के जंगल में नक्सली कैंप पर जवानों ने धावा बोलकर पांच नक्सलियों को मार गिराया। वहीं कैंप भी ध्वस्त कर दिया। मुठभेड़ के बाद मृत पांचो नक्सलियों के शव और घायल जवान को लेकर रविवार की सुबह पांच बजे जिला मुख्यालय पहुंचे हैं। घायल जवानों में से एक गोपनीय सैनिक राजू नेताम शहीद हो गए हैं।

वहीं दूसरे जवान सोमारू गोटा को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। डीजीपी डीएम अवस्थी ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि अबूझमाड़ के कुतुल एरिया के धुरबेड़ा जंगल में नक्सलियों के कैंप करने की सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर शुक्रवार की रात ओरछा थाने से डीआरजी की टुकड़ी रवाना की गई थी।

सुबह करीब साढ़े पांच बजे जंगल में चल रहे कैंप के पास पहुंचते ही जवानों का नक्सलियों से सामना हो गया। दोनों तरफ से करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग हुई। इसके बाद नक्सली जंगल और पहाड़ी की आड़ लेकर भाग खड़े हुए। मौके की सर्चिंग करने पर पांच नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। हथियारों का जखीरा भी मिला है।

आईजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि फोर्स अब नक्सलियों के के सेफ जोन तक जाकर हमला किया जा रहा है। ऑपरेशन मानसून में यह बड़ी सफलता है। जवानों ने माड़ एरिया कमेटी के कैंप को ध्वस्त कर दिया है। मुठभेड़ में कुछ और नक्सलियों को गोली लगने की संभावना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवानों को इस कार्रवाई में सफलता के लिए बधाई दी है।

भारी बारिश के बीच नदी, नालों, पहाड़ियों और पगडंडियों को पार कर नक्सलियों की मांद से नक्सलियों की चुनौतियों के बीच सुरक्षित नक्सलियों के शव और घायल जवान को लेकर सुरक्षित आये हैं। पुलिस लाइन में मृत नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है। वहीं शहीद जवान को गॉर्ड ऑफ ऑनर दी जाएगी। बारिश की वजह से घायल जवानों को जंगल से बाहर नहीं निकाल पाने से समय पर उपचार नहीं हो पाया। बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा नारायणपुर आ रहे हैं।

नक्सलियों के गढ़ में बनाया था अस्थाई हैलिपेड

घटना के बाद मृत नक्सलियों के शव और घायल जवानों को लाने के लिए गोमागल के गोटिंग पारा में जवानों के द्वारा अस्थाई कैंप बनाया गया था। ओरछा थाना से करीब 20 किमी दूर हेलिकॉप्टर से सीधे जवानों को निकालने की पूरी तैयारी की गई थी लेकिन बारिश की वजह से हेलिकॉप्टर नहीं उतारा गया।

मुख्यालय के हेलिपैड में मुस्तेद रहे अफसर

हाई स्कूल के मैदान में हेलीकॉप्टर उतरने के लिए पुलिस लाइन के अफसर देर शाम तक मुस्तैद रहे लेकिन हेलिकॉप्टर नहीं आने से अफसर लौट गए। यहां हेलिकॉप्टर की इंडिगेटर देने के लिए बाइक और कार की लाइट जलाई गई थी। बारिश की वजह से जवानों को उफनती नदी और नाले पार कर पैदल आना होगा।

महिला भी शामिल

मृत नक्सलियों में चार पुरुष और एक महिला है। मौके से कार्बाइन, 12 बोर राइफल, 315 बोर की राइफल, 315 बोर की पिस्टल, विस्फोटक, आइईडी, नक्सली दस्तावेज, दवाइयां, दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं।