नारायणपुर। जिले चार मेधावी छात्र कड़ी मेहनत लगन से मेडिकल की पढ़ाई कर बने चिकित्सक अबुझमाड़ का मान बढ़ाया है। नवीनता के प्रति जिज्ञासा लगन और परिश्रम कर जो लक्ष्‌य निर्धारित कर आगे बढ़ता है। वहीं जीवन में सफलता प्राप्त करता है। यह इन्होंने कर दिखाया। चर्चा के दौरान डाक्टर मितेश रावटे ने अपनी प्राथमिक शिक्षा नारायणपुर से किया व मिडिल कक्षा की पढ़ाई भिलाई तथा हायर सेकंड्री युगांतर राजनांदगांव से पूर्ण किया।

दसवीं सीबीएसई बोर्ड में 96 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण कर मेधावी छात्र के रूप में जगह बनाने से प्रतिभावान छात्रवृत्ति प्राप्त किया। 12वीं सीबीएसई बोर्ड में 94.8 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण कर उसी वर्ष पूर्व देश में एक साथ प्रीटेस्ट के लिए नीट एंट्रेंस एक्जाम में चयन होकर शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में एडमिशन लिया। पिता दीनबंधू रावटे (बीईओ ओरछा) माता बृजेश्वरी रावटे (शिक्षिका बंगलापारा) शुरु से यहां के बच्चों के लिए अपने सेवा काल में कर्तव्य के प्रति समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में ध्येय बनाकर शिक्षा के द्वारा समाज व क्षेत्र विशेष में जागृति व विकास का मूल आधार बनाया है। यहां के बच्चें हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उनका सुपुत्र डाक्टर मितेश ने भी कर दिखाया।

पिछले वर्ष कोविड का दूसरा लहर आया तो रायगढ़ शहर कोविड के चपेट में था। उसी समय पूरे देश में शासकीय मेडिकल कालेज से एमबीबीएस पाठ्यक्रम उत्तीर्ण स्टूडेंट को जूनियर एमबीबीएस पाठ्यक्रम उत्तीर्ण स्टूडेंट को जूनियर डाक्टर के रूप में ड्यूटी लगा दिया गया था। डा. मितेश भी अपने इंटर्नशीप के साथ जिला अस्पताल रायगढ़ में अपनी सेवा बेहतरीन तरीके से पूर्ण किया। पहली बार हुआ है।

चार डाक्टर बनकर नवीन पदस्थापना जगह पर जनसेवा के लिए तैयार

इस वर्ष नारायणपुर जिले से चार डाक्टर बनकर नवीन पदस्थापना जगह पर जन सेवा के लिए तैयार है जो कि जिले के लिए गौरव की बात है। डा. हर्ष बघेल, पिता धनसिंग बघेल, डा. रश्मि ठाकुर पिता ग्वालसिंह ठाकुर, डा. विमल प्रधान पिता लखेश्वर प्रधान, डा. मितेश रावटे, पिता दीनबंधु रावटे है। सभी ने नवनियुक्त मेडिकल की पढ़ाई पूर्ण कर डाक्टर बने जो कि अबुझमाड़ का मान बढ़ाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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