नारायणपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

नक्सलियों के गढ़ में शान्ति स्थापित करने के लिए तैनात किए गए जवानों को खाने से लाले पड़ रहे है। सोनपुर कैम्प में आइटीबीपी के जवान इन दिनों रसद के संकट से जूझ रहे है। जिला मुख्यालय से 26 किमी दूर सोनपुर मार्ग ठेकेदारों की लापरवाही से कीचड़ मार्ग में तब्दील हो गया है। बासिंग से सोनपुर तक जगह-जगह कीचड़ होने से दोपहिया वाहनों से लेकर बड़े वाहन फंस जा रहे है। मंगलवार को साप्ताहिक बाजार जाने वाले छोटे कारोबारी खराब सड़क होने की वजह से बाजार करने नहीं जा रहे हैं। सबसे हैरत करने वाली बात यह है कि एक पखवाड़े पहले सोनपुर दौरा में गए कलेक्टर पीएस एल्मा की चार पहिया वाहन भी कीचड़ में फंस गई थी तब कलेक्टर बाइक में सवार होकर सोनपुर पहुंचे थे। वहां से आने के बाद कलेक्टर के द्वारा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाकर मार्ग की मरम्मत करने को कहा था लेकिन ठेकेदारों से द्वारा कलेक्टर के आदेश की अनदेखी कर लोगों को परेशान होने के लिए छोड़ दिया है। 11 अक्टूबर को एसपी मोहित गर्ग की अध्यक्षता में अधूरे पुल और पुलिया के साथ खराब सड़कों की मरम्मत कर मार्ग सुचारू रूप से संचालित करने के लिए निर्माण एजेंजी के अधिकारियों के साथ जिला पुलिस और सेंट्रल फोर्स के अधिकारियों की बैठक भी हुई थी जिसमे सोनपुर सड़क की बदहाली को लेकर चर्चा कर निर्माण कार्य जल्द शुरू करने को कहा गया था लेकिन एसपी कार्यालय की बैठक भी धरातल में नहीं उतर पाई है। जिले के दो शीर्ष अधिकारियों की बातों को तरजीह नहीं देने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग से अधिकारियों की कृपा बनी हुई है। सोनपुर कैम्प के आगे तीन किमी तक मुरुमीकरण किया गया था जिसका अधिकांश भाग बारिश में बह जाने के बाद भी कमीशन खोरी के चलते ठेकेदार को डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। वन भूमि में अवैध उत्खनन कर मुरुम निकालने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई करने के लिए ग्रामीण पिछले एक साल से शिकायत करते आ रहे हैं लेकिन जमीन का सीना छलनी छलनी होने के बाद भी खनिज विभाग उदासीन बना हुआ है।

Posted By: Nai Dunia News Network