जशपुरनगर Raigarh News: हिंदू समाज में धर्म की अलख जगाने के लिए शहर में शनिवार को विशाल बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में शहर सहित आसपास के क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में सनातन समाज के लोग शामिल हुए। रैली का आयोजन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निधि समर्पण अभियान के के तहत किया गया था। रैली के दौरान जीवंत झांकियों से सजा रथ,आकर्षण का मुख्य केंद्र था।

बाइक रेैली की शुरूआत दोपहर तकरीबन 2 बजे लक्ष्मी गुड़ी मंदिर से हुआ। बालाजी मंदिर ट्रस्ट के बड़े रथ में राम दरबार के अंतर्गत राम ,लक्ष्मण, सीता और हनुमान के प्रतिरूप में हिंदू समाज के बच्चे सुसज्जित थे । साथ ही रथ में राम लक्ष्मण सीता एवं हनुमान विराजमान थे । एक वाहन में लगे डीजे के माध्यम से श्री राम के जयकारों के साथ प्रसिद्ध गायकों के भजन चल रहे थे ।

लगभग 70 -80 मातृ शक्तियां भी इस अवसर पर भगवा पगड़ी बांधकर और अपनी अपनी गाड़ियों में भगवे झंडे लेकर रथ यात्रा में निकलीं । लगभग 300 मोटरसाइकिलों की यह यात्रा लक्ष्मी गुड़ी मंदिर से प्रारंभ होकर 7 किलोमीटर के निर्धारित मार्ग पर बस स्टैंड, विवेकानंद कॉलोनी, दरबारी टोली ,संगम चौक, जिला पंचायत, धर्मार्थ चिकित्सालय, हाउसिंग बोर्ड, बाकी टोली, कंचनपुर, कदम टोली सन्ना रोड स्थित शंकर मंदिर, शक्ति मैदान, बिरसा मुंडा चौक, जैन मंदिर, बस स्टैंड, पुरानी टोली से गुजरते हुए बालासाहेब बालोद्यान ,जयस्तंभ चौक बालाजी मंदिर होते हुए महाराजा चौक पर पहुंची ।

सभी राम भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था । श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के सजीव रूपों का 20 स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पूजन किया एवं पुष्प वर्षा की । शहर के मुख्य मार्गों व गली मुहल्लों का भ्रमण करने के बाद रैली शहर के हृदय स्थल महाराजा चैक पहुंच कर समाप्त हुई। समापन समापन स्थल में सर्वप्रथम 1990 - 92 के कारसेवकों में से उपस्थित मंगरा राम महतो , डाक्टर रविंद्र वर्मा , शंभूनाथ चक्रवर्ती और विष्णु सिंह का भगवा उत्तरीय और श्रीफल से सम्मान किया गया ।

मंगरा राम महतो ने अपने अनुभव को साझा करते हुएं बताया कि देश के लाखों राम भक्तों ने बाबरी ढांचे को ढहाया तब सारी बाधाएं दूर हुई और आज भव्य राम मंदिर के निर्माण में सारा देश सहभागी हो रहा है । मुख्य वक्ता के रूप में संस्कार भारती छत्तीसगढ़ के प्रांतीय महामंत्री और इस महा अभियान में जशपुर जिले के विभिन्ना विकास खंडों में गत 16 जनवरी से समयदानी के रूप में भाग लेने वाले हेमंत माहुलीकर ने महाअभियान की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि लगभग 500 वर्ष पहले जब बाबर ने राम जन्मभूमि मंदिर को नष्ट किया तब से हिंदू समाज संघर्षरत था ।

इसके लिए अनेक लड़ाइयां लड़ते हुए लगभग 4 लाख हिंदुओं ने अपना बलिदान दिया है । पहले यह लड़ाई मुगलों के साथ लड़ी गई और उसके बाद अंग्रेजों से। लेकिन आजादी के बाद इस लड़ाई का स्वरूप बदल गया और न्यायालयों में 2020 तक लड़ी जाती रही । सबसे दुख बात यह थी कि भारतवर्ष में ही अनेक हिंदू श्रीराम जन्म स्थली के पक्ष और विपक्ष में खड़े हो गए । इसलिए जब राम जन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आया तो संतो ने यही तय किया की अयोध्या में जन्म स्थली पर विश्व का भव्यतम राम राम मंदिर तो बनेगा परंतु जब तक प्रत्येक हिंदू के मन में राम मंदिर का निर्माण नहीं होगा तब तक हिंदू भाई भाई आपस में लड़ते रहेंगे ।

आपने बताया की निधि समर्पण से प्रत्येक हिंदू के मन में यह भाव जागेगा कि मेरा भी गिलहरी सा एक अंश रामलला के मंदिर के लिए लग रहा है तब कहीं जाकर देश के 100 करोड़ हिंदुओं के मन में संगठित रहने का भाव जगेगा । इस अवसर पर आपने आव्हान किया कि जाति पंथ के भेद और राजनीतिक विचारधाराओं के मतभेद को भूलकर श्री राम के नाम पर सभी को एक होना ही होगा तब कहीं जाकर हमारी अगली पीढ़ियों को ऐसा संघर्ष नहीं करना पड़ेगा जो हमारी पूर्व की पीढ़ियों ने किया था

।कार्यक्रम के अंत में भारत माता की भव्य आरती हुई । मंचीय कार्यक्रम का संचालन संस्कार भारती जशपुर के कार्यकर्ता सोनू पांडे ने एवं यात्रा का संयोजन दिनेश गुप्ता सह संयोजन अरविंद कुमार भगत ने किया ।

--------

Posted By: Yogeshwar Sharma

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags