रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)

वन परिक्षेत्र धरमजयगढ़ के ग्राम ओंगना में फिर एक हाथी ने मवेशी चलाने गए एक वृद्घ को कुचलकर मार डाला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम कार्रवाई कर रही है। क्षेत्र में लगातार हाथियों से हो रही जान माल की हानि से ग्रामीणों में रोष है।

बताया गया कि 26 अक्टूबर को जयनाथ ए- ा पिता ननका राम (65) वर्ष गांव में लगभग आधा दर्जन साथियों के साथ मवेशी चराने गया था। ग्रामीण जहां मवेशी चरा रहे थे वहीं आस-पास हाथियों का दल भी विचरण कर रहा था। आस-पास हाथियों के होने की भनक चनवाहों को हाथियों की चिंघाड़ सुनकर हुई। इस पर सभी चरवाहे जंगल से निकलकर गांव की ओर भाग गए। जयनाथ ए- ा को कम सुनाई देता है। इस वजह से वह मवेशी चराने में ही मगन रहा। इसी बीच एक जंगली हाथी ने जयनाथ ए- ा पर हमला कर दिया और उसे कुचलकर मार डाला।

देर रात तक जब जयनाथ वापस घर नहीं आया तो 27 अक्टूबर को जयनाथ के स्वजन ग्रामीणों के साथ उसे खोजने के लिए घुमनारा जंगल की ओर रवाना हुए । यहां मार और घुमनारा जंगल के बीच में स्वजनों ने जयनाथ का शव देखा। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। इस पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच और आगे की कार्रवाई शुरू की।

उल्लेखनीय है कि ओंगना के आसपास इन दिनों 10 से अधिक जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है। घटना स्थल के आसपास ही यह दल मौजूद हैं। ऐसे में अभी भी इस क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। धरमजयगढ़ वनमंडल में हाथियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। हाथी और मानव के मध्य द्वंद जारी है। इंसान और हाथियों का मरने-मारने का सिलसिला जारी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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