रायगढ़। शासन द्वारा बाहर से आये यात्रियों को स्टेशन में ही कोरोना जांच करवाएं जाना अनिवार्य किया था किंतु स्टेशन स्क्रीनिंग कांउन्टर में जांच के लिए एंटीजन किट ही नही था आलम यह रहा कि यहां उपस्थित स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खानापूर्ति करते हुए यात्रियों का नाम नम्बर खाते में दर्ज किए। इसे विडंबना कहे या फिर लापरवाही दोनो में जिले वासियों का ही नुकसान है तो दुसरी तरफ स्वासयि विभाग की व्यवस्थ्ज्ञा की पोल भी खुल गई है।

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार ने ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों के आने पर उनकी कोरोना स्क्रीनिंग करने का आदेश दिया था। जिस पर रायगढ़ रेलवे स्टेशन में महाराष्ट्र व अन्य प्रभावित स्थलों के साथ साथ बाहर से आने वाले सभी लोगो की जांच चल रही थी लेकिन मंगलवार को स्टेशन में यह जांच बंद हो गया है।

जिसकी वजह से यहां मौजुद कर्मचारियों ने अपने दायित्वों को निभाने के लिए यात्रियों का नाम व नम्बर अंकित कर उन्हें जाने देने लगे।जब कर्मचारियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि जांच किट खत्म हो गया जब तक किट नही मिलता तब इनका नाम नम्बर दर्ज करने का आदेश मिला है। फिलहाल यह एक तरह से लापरवाही है जिसका नतीजा भयंकर होने की प्रबल संभावना है। क्योंकि दूसरे जिले व राज्य के संक्रमण काफी अधिक है।

व्यवस्था को दुरुस्त करने पुलिस रही सक्रिय

रायगढ़ स्टेशन में अमुमन कोई भी ट्रेन आती है तो स्टेशन में अव्यवस्था भर जाता है लेकिन कोविड 19 के दौर मे माकूल व्यवस्था बनाने के लिए जीआरपी, एवं स्थानीय पुलिस की टीम सक्रिय नजर आई जो यात्रियों को कतारबद्ध एवं स्क्रीनिंग के लिए जोर देते रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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