रायगढ़। Weather News : तामिलनाडु में आये निवार चक्रवात के असर जिले में व्यापक स्तर में पड़ा है। पिछले 3 दिन से मौसम में बदलाव आया जिले के विभिन्न इलाके में बूंदाबांदी भी हो रही है ठंड भी एकाएक बढ़ गई। बारिश के चलते किसान का धान मिसाई होने के बाद खेत व अन्य स्थानों में पड़ा था जिससे धान पूरी तरह से भींग कर तरबतर हो गया है। वही सब्जी व अन्य फसल में भी इसका असर प्रतिकूल पड़ रहा है। जिससे अन्न दाताओं को चिंता सता रही है। अमूमन देखा जाए तो बादल छाने के बाद ठंड का एहसास नहीं होता है लेकिन चक्रवात के कारण बादल छाया हुआ है इसके अलावा सर्द हवाओं से शहर व ग्रामीण अंचल घिरा हुआ है तो काले बादलों से लिपटा हुआ भी है।

गौरतलब है कि जिले में विगत कुछ दिन पहले अचानक कम दबाव का क्षेत्र बनने से बदली और फिर गुरुवार को फुंहारे के साथ दिन में बारिश हो गई थी। बदलों के पीछे सूरज दो दिन से छुपा हुआ था। इससे तापमान में काफी गिरावट आ गई दिन से लेकर रात तक ठंड का एहसास हो रहा है।शुक्रवार को दिन भर बादल का डेरा आसमान नमे छाया रहा बीच बीच मे बारिश भी होती रही यह स्थिति सेहत और फसल दोनो के लिए नुकसानदेह है इस वजह से स्वास्थ्य को लेकर लोग चिंतित है तो किसान के माथे में चिंता की लकीरें खिंच गई है। बतसया जा रहा है कि यह मौसम 2 - 3 दिन और रह सकती है।

किसान भींगे धान से परेशान

महज चार दिन बाद प्रदेश के अलावा जिले में खरीफ फसल के धान की खरीदी मंडियों में आना शुरू हो जाएगा। तो दूसरी तरफ निवार के असर से बारिश इन दिनों अन्न दाताओ के लिए सिरदर्द बन गया है। इस बेमौसम बारिश से खेत खलिहान में पड़ा धान की फसल भीग गया है। क्योंकि खेत से धान की कटाई कर वहीं छोड़ दिया जाता है जिसे धीरे धीरे करके किसान कोठार में एकत्रित करते है। सरिया अंचल के किसानों ने इस बारिश पर कहां कि यह बेमौसम आर्थिक तंगी को बढाएगा।

कोरोना और वायरल के मरीज बढ़े

इस निवार ने बच्चे बड़े बुर्जुग सभी पर गहरा असर छोड़ रहा है आलम यह है कि बारिश और सर्द हवाओं के चलते लोग वायलर फीवर से जूझ रहे है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है वहीं डक्टरों की मानें तो यह वेल्सर कोर्णाक को भी आमंत्रित कर सकता है स्वास्थ्य बुलेटिन के आधार पर देखा जाए तो बीते 3 दिन में कोरोना वायरस के मरीज की संख्या 600 से अधिक है इससे यह स्पष्ट है कि बेमौसम बारिश सेहत के लिए भी नुकसानदायक है।

किसान अजीत प्रधान का कहना है कि मौसम का असर सेहत पर तो व्यापक स्तर पर पड़ ही रहा है। साथ ही साथ खेतों में पड़े धान पर भी पड़ रहा है। धान बारिश से भींग गए हैं, कुछ दिन बाद धान की खरीदी आरंभ हो जाएगी। यही हाल रहा तो हमें नुकसान उठाना पड़ेगा।

पुसौर किसान मिनकेतन सा ने बताया कि कोरोनावायरस के चलते पहले से आम किसान विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे थे। अब यह चक्रवात का असर साग भाजी के फसलों पर भी पड़ा है। कीट-पतंगों का प्रकोप दो दिन से बढ़ गया है। वे पत्ती व फल को खा कर नुकसान कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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