रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)

ईजीएल (अर्ली ग्रेड लिटरेसी) एक ऐसा प्रभावी माध्यम है जो बच्चों में ज्ञान, शिक्षा व बौद्धिक विकास के प्रति सहायक होता है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा पहली एवं दूसरी के नौनिहालों को विशेष तौर भाषायी एवं आंकिक ज्ञान से परिचित कराया जाता है। जिससे बच्चे पढऩे के लिए सक्षम हो सके।

ईजीएल यूनिसेफ, रूम टू रीड तथा जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया है। रायगढ़, खरसिया एवं तमनार विकासखण्ड के सभी 524 विद्यालयों में एक-एक आदर्श ईजीएल कक्ष तैयार किया गया है। जिसकी शुरूआत जुलाई 2001 के अंतिम सप्ताह से की गई है। ईजीएल सेंटर्स को आदर्श ईजीएल सेंटर्स के रूप में विकसित करना सर्व शिक्षा अभियान तथा समग्र शिक्षा जिला-रायगढ़ का महत्वपूर्ण प्रयास है। इसी संकल्पना को लेकर ईजीएल कक्षाओं के शुभारंभ के लिए संकुल प्रभारी व ईजीएल सेंटर द्वारा अपनी तैयारियां सुनिश्चित कर लिया गया था। ईजीएल एक द्विवर्षीय कार्यक्रम है जो 2021-22 तथा 2022-23 के लिए स्वीकृत है। इसके अंतर्गत नौनिहालों में भाषागत ज्ञान एवं समझ विकसित किया जा रहा है। जिसके तहत प्रत्येक प्राथमिक शाला में पुस्तकालय का निर्माण किया गया है। जिसमें नन्हें बच्चे अपनी पसंद व स्तर के अनुरूप विभिन्न ज्ञानवर्धक पुस्तकों को पढ़ सकते है। वर्तमान में बच्चों के लर्निंग आउटकम के आधार पर जिले के 524 विद्यालयों से कक्षा पहली के 4170 तथा कक्षा दूसरी के 4753 बच्चों के लिए ईजीएल सेंटर में पुस्तकें, फर्नीचर, दरियां, टेबल उपलब्ध कराया गया है। ईजीएल कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्राथमिक स्तर पर एक शिक्षक के प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही आदर्श पुस्तकालय के लिए शिक्षक प्रभारी बनाया गया है, जिससे बेहतर संचालन हो सके। ईजीएल का एकमात्र उद्देश्य है कि नौनिहालों में भाषायी ज्ञान एवं समझ को विकसित किया जा सके। जिससे बच्चे पढऩे में रूचि व समर्थ हो सके।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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