रायगढ़ । रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी के दौरे से यात्रियों को उम्मीद थी कि आगामी दिनों सफर सुगम होगा, लेकिन मंडल रेल प्रबंधक प्रवीण पाण्डेय का बिलासपुर-ईब सेक्शन निरीक्षण दौरान केवल विभागीय कार्य

तक सिमटा रहा। ट्रेनों के परिचालन व विलंब को लेकर कोई सार्थक

पहल नहीं की गई। प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों में उत्साह था कि सुविधा बढ़ेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

मंडल रेल प्रबंधक प्रवीण पाण्डेय, सभी शाखाधिकारियों के साथ बिलासपुर से प्रात: निरीक्षण यान में बिलासपुर-ईब सेक्शन में निरीक्षण करते हुये ईब पहुंचे इस दौरान उन्होने पटरियों, सिग्नल, इंटरलाकिंग, प्वांइट्स, समपार फाटक आदि की संरक्षा का बारीकी से निरीक्षण कर जायजा लिये । इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक द्वारा राबर्ट्सन, रायगढ़, हिमगीर ब्रजराजनगर स्टेशनों का भी निरीक्षण किया गया । रायगढ़ एवं ब्रजराजनगर स्टेशन में उन्होने प्लेटफॉर्म में उपलब्ध यात्री सुविधाओं, बुकिंग कार्यालय, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्र्किंग, क्रू लाबी, रनिंग रूम आदि का निरीक्षण किए। रनिंग रूम में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही वहां के रसोई व भोजन कक्ष का भी निरीक्षण किए एवं कर्मचारियों से चर्चा भी की, यात्री सुविधाओं में आवश्यक सुधार के साथ बेहतर सफाई व्यवस्था व स्टेशन को और आकर्षक बनाने की दिशा में कार्य करने का निर्देश उन्होने अधिकारियों को दिये ब्रजराजनगर स्टेशन के रेलवे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किए तथा कर्मचारियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिये।

राबर्ट्सन व हिमगीर स्टेशनों के निरीक्षण के दौरान वहाँ उपलब्ध यात्री सुविधाओं, बुकिंग कार्यालय, यात्री प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्मों एवं सर्कुलेटिंग एरिया की व्यवस्था एवं साफ-सफाई का जायजा लिये और उन्हें बेहतर बनाये रखने के लिए मौके पर ही सभी संबंधितों को निर्देश दिए । मंडल रेल प्रबंधक ने रास्ते में राबर्ट्सन-खरसिया स्टेशनों के मध्य स्थित मानव सहित समपार संख्या 311 (भेलवाडीह फाटक) का निरीक्षण किये। यहाँ उन्होने संरक्षा व सुरक्षा के मापदंडों का अवलोकन किये एवं ड्यूटी पर तैनात गेटमैन से संरक्षा संबंधित पूछताछ की। वही रायगढ़ स्टेशन के बाहर पार्कंिग व अन्य सुविधाएं की जानकारी ली। इस निरीक्षण के दौरान प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों में उत्साह था कि सम्भवत ट्रेन सही समय पर अब पटरी पर चल सकते है किन्तु इस दिशा में कोई

पहल नही हो पाया। उत्साह एक बार फिर मायूसी में बदल गया।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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