रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि) प्रदेश के उपरी इलाके में भारी बारिश होने की वजह से महानदी का जलस्तर उफान पर है। महानदी के तटीय इलाके सरिया बरमकेला पुसौर व चंद्रपुर के दो दर्जन से अधिक गांव में दो दिन से धीरे धीरे जलभराव होते हुए अब रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। खेत खलिहान गांव की गलियो, एक क्षेत्र को दूसरे क्षेत्रों से जोड़ने वाले पुल पुलिया के उपर से तेज बहाव के साथ पानी बहने लगा था,बाढ़ के मंजर से लोगो मे जानमाल की हानि का भय बना हुआ है तो जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। किंतु गुरुवार दोपहर बाद बाढ़ का मंजर कम होने के साथ जलस्तर घटने लगा।

प्रदेश में पिछले 2 - 3 दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद महानदी सहित कई नदी नाले अपने पूरे उफान पर है। भारी बारिश के कारण महानदी में आई भीषण बाढ़ से सरिया व पुसौर इलाके के नदी किनारे के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। बुधवार देर शाम को महानदी के तटवर्ती गांव पोरथ मंदिर धाम का मंदिर आधा डूब चुका था। तटीय क्षेत्र नवापाली, पसरापाली, सिंह पूरी, बाराडोली, खपरापाली रायपाली, नवापारा, परसरामपुर, कोर्रा, तोरा, बोरिदा, लूकापारा के खेतों तक महानदी का पानी पहुंच गया था। क्षेत्र के नालों के ऊपर से पानी बहने लगा। चंद्रपुर-बरमकेला को जोड़ने वाला लात नाला के ऊपर से पानी बह रहा है। नाले के ऊपर से पानी बहने के कारण सड़क परिवहन व्यवस्था बाधित हो गयी है।बाढ़ की वजह से पूरा जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की जन हानि की खबर नहीं है।

वही बाढ़ के हालत को देखते हुए जिला प्रशासन के आलाधिकारियों की टीम नदी के जल स्तर बढ़ने के कारण प्रभावित इलाकों में गश्त करते रहे। वही सुबह तक जलस्तर धीमे धीमे बढ़ रहा था यह चिंता का सबब बन रहा था इस बीच ओड़िसा स्थिति हीराकुंड डेम के 28 गेट कलमा बैराज के 66 गेट को खोलने से जलस्तर घटने लगा। दोपहर 2 बजे की स्थिति में कलमा बैराज में जलस्तर खतरे के निशान से 1.97 मीटर नीचे है। पिछले 2 घंटे में 5 सेमी की कमी आयी है और संभावना है कि शाम तक इसमें 5 से 10 सेमी की कमी और आ सकती है। क्योंकि हीराकुंड डेम के खोलने से महानदी कैचमेंट इलाके से जल तेजी से निकासी होने लगा। यहां यह बताना लाजमी होगा कि वर्ष 2020 में 28 अगस्त को आए बाढ़ से इस वर्ष का प्रभाव काफी कम रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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