रायगढ़, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले में इस बार की आर्थिक गणना सांख्यिकी विभाग के परंपरागत तरीके की जगह डिजिटल पैटर्न पर होगी। आर्थिक गणना के लिए जानकारी जुटाकर गणना पत्रक में भरने की जगह स्मार्ट फोन व ऐप से सर्वे किया जाएगा। इसके लिए जिले में चिप्स के 7 सौ से ज्या। दा वीएलई को प्रशिक्षण देकर आर्थिक गणना का काम सौंपा गया है।

सातवीं आर्थिक गणना में भी अब डिजिटल इंडिया का सहारा लिया जाएगा। आर्थिक गणना के लिए पूर्व में शिक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा घर-घर जाकर गणना पत्रक में आंकड़े लिए जाते थे लेकिन इस बार केन्द्र सरकार ने इसमें बदलाव किया है और सही एवं सटीक आंकड़ों के लिए यह कार्य सीएससी के वीएलई से कराया जाएगा। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में इसके लिए वर्कशॉप में अफसरों एवं कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई ।

प्रशिक्षक प्रगणक, सुपरवाईजर (एलआई), सीएससी के वीएलई के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण में एनएसएसओ रायपुर के मास्टर टे्रनर दुर्गा प्रसाद बारला व जिले के सीएससी के डीएम रवि सिंह ने दो घंटों तक क्लास ली और आर्थिक गणना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आर्थिक गणना के लिए उद्यमी (व्यवसाय)की जानकारी संकलित की जानी है। मास्टर ट्रेनर ने बताया कि इसमें वीएलई की भूमिका अहम है। वीएलई के माध्यम से डोर टू डोर संपर्क करके मोबाइल के माध्यम से आनलाईन जानकारी एन्ट्री करनी होगी। वीएलई के द्वारा स्मार्ट मोबाइल में डाटा एन्ट्री करने के पश्चात एन्ट्री हुए डाटा को क्रॉस चेक किया जाएगा। इसके लिए पर्यवेक्षक 1 एवं पर्यवेक्षक 2 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी एसएस सिंह ने बताया कि इसमें प्रगणक पर्यवेक्षक एक के लिए सीएससी के सुपरवाईजर रहेंगे और प्रगणक पर्यवेक्षक दो के लिए जिला योजना सांख्यिकी विभाग और उद्योग विभाग के अधिकारी को शामिल किया गया है।

तो फिर से करनी होगी एंट्री

वीएलई के द्वारा स्मार्ट मोबाइल में डाटा एन्ट्री करने के पश्चात एन्ट्री हुए डाटा को क्रॉस चेक किया जाएगा। इसके लिए पर्यवेक्षक 1 एवं पर्यवेक्षक 2 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। एन्ट्री हुए डाटा का पर्यवेक्षक एक अधिकारी चेक करेगा और सही मिलान होने पर पर्यवेक्षक 2 के पास जाएगा। अगर एन्ट्री में सुधार करने की आवश्यकता है तो वीएलई दोबारा उसको सर्वे करके एन्ट्री करेगा।

जनपद में भी लगेगी वर्कशॉप

सीएससी के डिस्ट्रीक मैनेजर रवि सिंह ने बताया कि इसमें तकनीकी स्तर पर वीएलई को ट्रेंड करना जरूरी है। इसलिए जनपद स्तर पर भी इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए खरसिया में 5 एवं 6 अगस्त,घरघोड़ा एवं तमनार में 7 एवं 8 अगस्त लैलूंगा में 9 एवं 10 अगस्त ,धरमजयगढ़ में 12 एवं 13 अगस्त को सुबह 11 बजे से जनपद सभाकक्ष में ट्रेनिंग दी जाएगी।

क्रास चेक के बाद डेटा फीड

आर्थिक गणना के लिए के लिए आयोजित हुई इस वर्कशॉप में मास्टर ट्रेनर ने बताया कि पहले वीएलई डोर टू डोर सर्वे कर आर्थिक गणना के लिए स्मार्ट फोन में डाटा एंट्री करेंगे। वीएलई ने सही काम किया है या नहीं इसके लिए सुपरवाइजर इसे क्रास चेक कर मिलान करेंगे। इसके बाद ही डेटा सेंट्रल पोर्टल में फीड किया जाएगा।

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